हरीश रावत बोले- अजीब सी बात है, हिमालयी राज्य में सरकार को ठंड लग रही

Rajesh Pandey
मुनस्यारी। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रदेश सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और राज्य में सियासी गतिविधियां भी तेज होने लगी हैं।
सोशल मीडिया से लेकर धरातल पर सक्रिय रहने वाले रावत मुनस्यारी महोत्सव में शामिल हुए। सोशल मीडिया में उनकी पोस्ट का अंदाज औरों से कुछ अलग है। उनकी हर बात के राजनीतिक मायने होते हैं।
महोत्सव में कही बातों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए रावत लिखते हैं, यह दिसंबर का महीना है, आज दो तारीख है, शाम के करीब आठ बज गए हैं, बारिश भी हो रही है, हल्की बर्फ भी गिर रही है, कुछ हवा भी है, कुछ ठंड भी है।
मगर हम लोग इस ठंड में खड़े हैं, पूरी मुनस्यारी हमारे सामने है और इस ठंड का आनंद ले रही है। मगर बड़ी अजीब सी बात है कि हमारी सरकार को गैरसैंण और भराड़ीसैंण में विधानसभा का सत्र करने में ठंड लग जा रही है। यदि हिमालयी राज्य में सरकार को ठंड लगेगी, पहाड़ों में जाने में उनको डर लगेगा, क्योंकि वहां ठंड होती है तो फिर हम बढ़ लिए,…।
एक अन्य पोस्ट में वो लिखते हैं, ये नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जो ठंड में यहां अपना कार्यक्रम दिखाने के लिए बहुत उत्सुक हैं, बड़ा उत्साह है इनमें, ये है उत्तराखंड और हमको सरकार से इसी तरीके के उत्साहपूर्ण उत्तराखंड की कामना है, जो ठंड में न घबराएं, कठिनाइयों में न घबराएं और कठिनाइयों में रहने वाले लोगों का रास्ता आगे बढ़ाएं। “जय हिंद- जय उत्तराखंड”
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूरा फोकस गैरसैंण पर कर दिया है। दरअसल, भाजपा सरकार पहले विधानसभा सत्र को गैरसैंण में कराना चाह रही थी, इसके लिए 29 और 30 नवंबर की तारीख भी रखी गई, लेकिन बाद में सत्र नौ और दस दिसंबर के लिए तय कर दिया गया है और अब यह देहरादून में आयोजित किया जाएगा। हरीश रावत इसे मुद्दा बना रहे हैं, उनका कहना है कि भाजपा गैरसैंण की उपेक्षा कर रही है. यह गैरसैंण का अपमान है।
Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *