FeaturedUttarakhand

मुख्यमंत्री धामी जनता से करेंगे ऑनलाइन संवाद

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अपने आवास पर मुख्यमंत्री ई-यात्रा के अन्तर्गत मोबाइल वैन के जरिये वर्चुअल माध्यम से जनता से जुड़ने के लिए व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से लोगों की बात भी सामने आ सकेगी तथा आम जनता तक हम अपनी बात भी रख सकेंगे।
मोबाइल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आम जनता से आमने-सामने बात भी हो सकेगी। टू-वे कम्यूनिकेशन सिस्टम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक की समस्याओं के समाधान की व्यवस्था हो सकेगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि इसके प्रभावी संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से इसे जोड़ा जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में भी तद्नुसार व्यवस्थाएं बनाई जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास आम जनता की समस्याओं के समाधान के साथ ही राज्यहित में लोगों के सुझाव भी प्राप्त करना है। इस दिशा में बोधिसत्व विचार श्रृंखला भी शुरू की गई है।
राज्य के विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों, समाजसेवियों एवं लोक संस्कृति से जुडे़ विशिष्ट लोगों बु़द्धिजीवियों के सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। इससे उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की पहचान दिलाने तथा राज्य के समग्र विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी बल मिलेगा।

newslive24x7

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button