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2023 में कांस्टेबल के 1000 पदों पर भर्ती की जाएगीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय में “उत्तराखंड पुलिस मंथन-चुनौतियां एवं समाधान” कार्यक्रम का शुभारंभ किया

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में “उत्तराखंड पुलिस मंथन-चुनौतियां एवं समाधान” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को 2025 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है, इसमें पुलिस की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में कांस्टेबल के 1000 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिन 1521 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने तक 1521 पीआरडी जवानों द्वारा अस्थाई सेवा भी प्रदान की जाएगी। अल्मोड़ा व श्रीनगर महिला थानों में साइबर थाने खोले जाएंगे।

उन्होंने कहा, बाहरी लोगों के सत्यापन का अभियान लगातार चलाया जाए और भ्रष्टाचार करने वालों पर भी सख्त कारवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन तथा जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा, नो पेंडेंसी के आधार पर कार्य किए जाएं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, एडीजी पी.वी.के प्रसाद, अमित कुमार सिन्हा, वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी अंशुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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