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हमारी सरकार नो पेंडेंसी पर कार्य करेगीः मुख्यमंत्री

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन दिवसीय उधमसिंह नगर भ्रमण के दौरान रविवार को खटीमा स्थित फाइबर अतिथि गृह में जनसमस्या निवारण कार्यक्रम में आम जनता से सीधे संवाद किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सामाजिक, धार्मिक संगठनों, बार एसोसिएशन, उद्योग बन्धु, पार्टी कार्यकर्ताओं, किसानों, पूर्व सैनिकों, व्यापारियों एवं विभिन्न संस्थाओं से संवाद किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड को एक अच्छा मॉडल बनाना चाहती है, जहाँ सभी प्रकार का वातावरण अनुकूल हो, जो उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार आदि से परिपूर्ण हो।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नो पेंडेंसी पर कार्य करेगी, जिसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो कार्य जिस स्तर का हो, उसका उसी स्तर पर तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें, आवेदन पत्र किसी भी दशा में लंबित नहीं रहने चाहिए। यदि किसी भी अधिकारी के स्तर पर कोई लापरवाही प्रकाश में आई तो संबंधित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उद्योगों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 2027 तक उत्तराखंड को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, परिवहन, उद्योग आदि समस्त क्षेत्रों में पूरे देश में प्रथम स्थान पर लाना है,  जिसके लिए आप सबका सहयोग अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक सामान्य परिवार के व्यक्ति को मुख्य सेवक बनाया है, उस दायित्व को सबके सहयोग से पूर्ण करना होगा। जो घोषणाएं व शिलान्यास किए गए हैं, उनको प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाएगा।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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