Uttarakhand Women Commission Awareness: जनजातीय समूहों ने जाने उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के कार्य

Rajesh Pandey

Uttarakhand Women Commission Awareness: देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने जनजातीय समूहों को उनके अधिकारों, आयोग के कार्यों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शैक्षिक एवं जागरूकता भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम आज आयोग के मुख्यालय नन्दा की चौकी, देहरादून में पिथौरागढ़ जनपद के जनजातीय क्षेत्रों से आए समूह की महिलाओं और पुरुषों के लिए आयोजित किया गया।

Uttarakhand Women Commission Awareness: कार्यक्रम के दौरान, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने जनजातीय महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ-साथ यह संदेश दिया कि वे समाज की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए पुरुषों में भी जागरूकता फैलाएं।

उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महिलाओं को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए और गलत के खिलाफ आवाज उठाने में संकोच नहीं करना चाहिए। अध्यक्ष ने वर्तमान समय में बच्चों को अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया, ताकि आने वाली पीढ़ी जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक बन सके।

83-Year-Old Farmer Uttarakhand Wildlife Conflict: सर्दियों में रातभर अपने खेतों में रहकर फसल की रखवाली करतीं 83 साल की बुजुर्ग किसान

Uttarakhand Women Commission Awareness: आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष बल

उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • पशु सखी योजना

  • स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन

  • महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं

  • जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कौशल विकास व स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं

उन्होंने महिलाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने और पुरुषों से इन कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया।

कानूनी अधिकारों की जानकारी

इस अवसर पर आयोग के विधि अधिकारी दयाराम सिंह ने महिला आयोग के कार्यों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और कानून के माध्यम से मिलने वाली सहायता के बारे में विस्तार से बताया। आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान ने महिलाओं को उनके संवैधानिक, कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों के बारे में जागरूक किया और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। जनजातीय समूह ‘अर्पण संस्था’ के माध्यम से आयोग तक पहुंचा था। आयोग ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *