उत्तराखंड में स्कूलों के कोटिकरण की विसंगतियां होंगी दूर: डॉ. धन सिंह रावत

Rajesh Pandey

School Categorization Reforms

प्रमुख बिंदु:

  • कोटिकरण की विसंगतियों (School Categorization Reforms) को ठीक करने के लिए जांच के निर्देश।
  • गैरहाजिर शिक्षकों और कर्मचारियों की बर्खास्तगी का आदेश।
  • निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर वितरित करने की सख्त हिदायत।
  • पीएम-श्री और क्लस्टर स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर।

देहरादून, 25 अप्रैल 2025
उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग ने स्कूलों के कोटिकरण की विसंगतियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को कोटिकरण की सटीक जांच करने, लंबे समय से गैरहाजिर शिक्षकों को बर्खास्त करने, और निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक: प्रमुख निर्णय

गुरुवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सभागार में डॉ. रावत ने गढ़वाल मंडल की समीक्षा बैठक की। इसमें विभागीय अधिकारियों और जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा और निर्देश जारी किए गए:

  1. कोटिकरण की विसंगतियां दूर करने की पहल
    डॉ. रावत ने स्कूलों के गलत कोटिकरण (School Categorization Reforms) की शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को मानकों के अनुसार कोटिकरण की जांच और सुधार के निर्देश दिए।
  2. गैरहाजिर शिक्षकों पर सख्ती
    लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों की जनपद व विकासखंड-वार सूची तैयार करने और उन्हें बर्खास्त करने का आदेश दिया गया। साथ ही, स्वैच्छिक और अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामलों को प्राथमिकता से निपटाने और अक्षम शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के निर्देश जारी किए।
  3. निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें समय पर वितरण
    कक्षा 1 से 12 तक सभी विषयों की पाठ्य पुस्तकें अनिवार्य रूप से स्कूलों में समय पर पहुंचाने और छात्रों को वितरित करने के निर्देश दिए। विलंब होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
  4. स्कूलों में सुविधाएं और निर्माण कार्य
    क्लस्टर स्कूलों, पीएम-श्री स्कूलों, और डी व सी श्रेणी के स्कूलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने और निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
  5. शैक्षिक गुणवत्ता और प्रोत्साहन
    • परिषदीय परीक्षाओं में प्रत्येक विकासखंड से कम से कम एक छात्र को श्रेष्ठता सूची में शामिल करने के लिए कार्ययोजना बनाने का आदेश।
    • शिक्षक संगोष्ठी के आयोजन के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश।
    • मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की हिदायत।

बैठक में उपस्थिति

बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक झरना कमठान, निदेशक मुकुल सती, निदेशक संस्कृत शिक्षा डॉ. आनंद भारद्वाज, अपर निदेशक गढ़वाल कंचन देवराड़ी, अपर निदेशक एससीईआरटी पदमेन्द्र सकलानी, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, और गढ़वाल मंडल के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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