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उत्तराखंड में 14 फरवरी को होगा मतदान

नई दिल्ली। केंद्रीय चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, गोवा, पंजाब एवं मणिपुर में विधानसभा चुनाव सात चरणों में होंगे। पांच राज्यों की 690 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे।

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में 10 फरवरी से सात मार्च तक मतदान चलेगा। पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में 14 फरवरी को मतदान होगा। मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च मतदान की तिथि घोषित की गई है। दस मार्च को सभी राज्यों में मतगणना होगी। 

कोरोना काल में चुनाव के लिए नए प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। कुछ तैयारियां भी की गई हैं। इस बार तीन उद्देश्यों पर काम किया है। कोविड फ्री चुनाव, मतदाताओं की सहूलियत और अधिकतम मतदाताओं की भागीदारी।

चुनाव आयोग ने पत्रकार वार्ता में विधानसभा चुनावों के लिए तिथियों की घोषणा की। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में 10 फरवरी से सात मार्च तक मतदान चलेगा। पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में 14 फरवरी को मतदान होगा। मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च मतदान की तिथि घोषित की गई है।

चुनाव आयोग ने कहा, डिजिटल, वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार होंगे। 15 जनवरी तक किसी तरह की रैली, रोड शो और पदयात्रा नहीं होगी। नुक्कड़ सभा, बाइक रैली पर भी रोक रहेगी। चुनाव कैंपेन में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

  • ये महत्वपूर्ण एप
    • आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की जानकारी know your candidate एप पर उपलब्ध होगी।
    • Suvidha Candidate एप राजनीतिक दलों के लिए है। उन्हें किसी दफ्तर में जाकर रैली वगैरह के लिए इजाजत नहीं मांगनी होगी। इस एप के जरिए उपलब्धता देख सकेंगे।
    • Cvigil एप का इस्तेमाल आम जनता और मतदाता कर सकेंगे। किसी भी गड़बड़ी की फोटो खींचकर इस एप पर अपलोड की जा सकेगी। 100 मिनट के अंदर चुनाव आयोग की टीम वहां पहुंचकर जरूरी कदम उठाएगी।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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