वन्दना कटारिया को बनाया महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ब्रांड एंबेसेडर

Rajesh Pandey

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार की धनराशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये की जाएगी।

भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वन्दना कटारिया उत्तराखंड में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ब्रांड एम्बेसेडर होंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागर में ‘‘ तीलू रौतेली पुरस्कार एवं ‘‘आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार‘‘ हेतु चयनित राज्य की महिलाओं को सम्मानित किया।

इस वर्ष 22 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार एवं 22 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तीलू रौतेली पुरस्कार स्वरूप 31 हजार रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के तहत 21 हजार रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हर क्षेत्र में मातृ शक्ति की बड़ी भूमिका रही है। उत्तराखंड अलग राज्य निर्माण की मांग के लिए महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई। ट

उन्होंने मातृ शक्ति को नमन करते हुए कहा कि कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार कई प्रयास कर रही है।

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार की धनराशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये की जाएगी।भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वन्दना कटारिया उत्तराखंड में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ब्रांड एम्बेसेडर होंगी।मुख्यमंत्री धामी ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागर में ‘‘ तीलू रौतेली पुरस्कार एवं ‘‘आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार‘‘ हेतु चयनित राज्य की महिलाओं को सम्मानित किया।इस वर्ष 22 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार एवं 22 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तीलू रौतेली पुरस्कार स्वरूप 31 हजार रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के तहत 21 हजार रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हर क्षेत्र में मातृ शक्ति की बड़ी भूमिका रही है। उत्तराखंड अलग राज्य निर्माण की मांग के लिए महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई। टउन्होंने मातृ शक्ति को नमन करते हुए कहा कि कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार कई प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरू की गई है। कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या संरक्षक को खोया है, उनके लिए राज्य सरकार प्रति माह 03 हजार रुपये एवं निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर रही है।उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थित मजबूत होनी जरूरी है। बच्चों के शुरुआती चरण के विकास में आंगनबाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। माता-पिता के साथ ही, बच्चों को संस्कार देने की शुरुआत आंगनबाड़ी से होती है।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जो लोग सीमित संसाधन होने पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हैं, उनकी अलग ख्याति होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जीवन सामान्य परिस्थितियों में बीता, लेकिन आज उनकी कार्यशैली से भारत को वैश्विक पटल पर एक अलग पहचान मिली है।आज देश हर क्षेत्र में तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि प्रारम्भिक शिक्षा के दौरान हम भी तख्ती (पाटी) पर लिखते थे। जिसके लिए चूने का घोल इस्तेमाल किया जाता था।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि मातृ शक्ति को इन योजना का लाभ मिले।राज्य में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना चलाई जा रही है। जिसमें गर्भवती महिलाओं एवं नवजात कन्या शिशु के लिए किट दी जा रही है। राज्य सरकार जनता के साथ साझीदार की भूमिका में कार्य कर रही है। समाज के हर वर्ग के  लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है।महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली राज्य की चयनित महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी में अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।मात्र 15 वर्ष की आयु में ही वीरांगना तीलू रौतेली रणभूमि में कूद पड़ी थीं। उन्होंने बहुत कम आयु में सात युद्ध लड़े। यह दिन प्रदेश की महिलाओं को सम्मानित करने का सबसे अच्छा दिन है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के पिताजी ने आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए अपनी जमीन दान दी थी।। तीलू रौतेली पुरस्कार से इनको किया सम्मानित डॉ.राजकुमारी भंडारी चौहान, श्रीमती श्यामा देवी, श्रीमती अनुराधा वालिया, डॉ. कंचन नेगी, सुश्री रीना रावत, सुश्री वन्दना कटारिया, सुश्री चन्द्रकला तिवाड़ी, श्रीमती नमिता गुप्ता, श्रीमती बिन्दुवासिनी, सुश्री रूचि कालाकोटी, सुश्री ममता मेहता, कु. अंजना रावत, श्रीमती पार्वती किरौला, कु. कनिष्का भण्डारी, श्रीमती भावना शर्मा, श्रीमती गीता जोशी, श्रीमती बबीता पुनेठा, श्रीमती दीपिका बोहरा, कु. दीपिका चुफाल, श्रीमती रेखा जोशी, श्रीमती रेनू गडकोटी, सुश्री पूनम डोभाल। राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार श्रीमती गौरा कोहली, श्रीमती पुष्पा प्रहरी, श्रीमती पुष्पा पाटनी, श्रीमती गीता चन्द, कुमारी गलिस्ता, सुश्री अंजना, श्रीमती संजू बलोदी, कु. मीनू, सुश्री ज्योतिका पाण्डेय, सुश्री सुमन पंवार, सुश्री राखी, सुश्री सुषमा गुसांई, श्रीमती आशा देवी, श्रीमती दुर्गा बिष्ट, श्रीमती सोहनी शर्मा, श्रीमती वृंदा, सुश्री प्रोन्नति विस्वास, सुश्री हन्सी धपोला, सुश्री गायत्री दानू, श्रीमती हीरा भट्ट, श्रीमती सुषमा पंचपुरी, श्रीमती सीमा देवी।इस अवसर पर विधायक खजानदास, सचिव हरि चन्द्र सेमवाल, अपर सचिव प्रशांत आर्य एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरू की गई है। कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या संरक्षक को खोया है, उनके लिए राज्य सरकार प्रति माह 03 हजार रुपये एवं निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर रही है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थित मजबूत होनी जरूरी है। बच्चों के शुरुआती चरण के विकास में आंगनबाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। माता-पिता के साथ ही, बच्चों को संस्कार देने की शुरुआत आंगनबाड़ी से होती है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जो लोग सीमित संसाधन होने पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हैं, उनकी अलग ख्याति होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जीवन सामान्य परिस्थितियों में बीता, लेकिन आज उनकी कार्यशैली से भारत को वैश्विक पटल पर एक अलग पहचान मिली है।

आज देश हर क्षेत्र में तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि प्रारम्भिक शिक्षा के दौरान हम भी तख्ती (पाटी) पर लिखते थे। जिसके लिए चूने का घोल इस्तेमाल किया जाता था।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि मातृ शक्ति को इन योजना का लाभ मिले।

राज्य में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना चलाई जा रही है। जिसमें गर्भवती महिलाओं एवं नवजात कन्या शिशु के लिए किट दी जा रही है। राज्य सरकार जनता के साथ साझीदार की भूमिका में कार्य कर रही है। समाज के हर वर्ग के  लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली राज्य की चयनित महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी में अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

मात्र 15 वर्ष की आयु में ही वीरांगना तीलू रौतेली रणभूमि में कूद पड़ी थीं। उन्होंने बहुत कम आयु में सात युद्ध लड़े। यह दिन प्रदेश की महिलाओं को सम्मानित करने का सबसे अच्छा दिन है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के पिताजी ने आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए अपनी जमीन दान दी थी।।

तीलू रौतेली पुरस्कार से इनको किया सम्मानित 

डॉ.राजकुमारी भंडारी चौहान, श्रीमती श्यामा देवी, श्रीमती अनुराधा वालिया, डॉ. कंचन नेगी, सुश्री रीना रावत, सुश्री वन्दना कटारिया, सुश्री चन्द्रकला तिवाड़ी, श्रीमती नमिता गुप्ता, श्रीमती बिन्दुवासिनी, सुश्री रूचि कालाकोटी, सुश्री ममता मेहता, कु. अंजना रावत, श्रीमती पार्वती किरौला, कु. कनिष्का भण्डारी, श्रीमती भावना शर्मा, श्रीमती गीता जोशी, श्रीमती बबीता पुनेठा, श्रीमती दीपिका बोहरा, कु. दीपिका चुफाल, श्रीमती रेखा जोशी, श्रीमती रेनू गडकोटी, सुश्री पूनम डोभाल।

राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार
श्रीमती गौरा कोहली, श्रीमती पुष्पा प्रहरी, श्रीमती पुष्पा पाटनी, श्रीमती गीता चन्द, कुमारी गलिस्ता, सुश्री अंजना, श्रीमती संजू बलोदी, कु. मीनू, सुश्री ज्योतिका पाण्डेय, सुश्री सुमन पंवार, सुश्री राखी, सुश्री सुषमा गुसांई, श्रीमती आशा देवी, श्रीमती दुर्गा बिष्ट, श्रीमती सोहनी शर्मा, श्रीमती वृंदा, सुश्री प्रोन्नति विस्वास, सुश्री हन्सी धपोला, सुश्री गायत्री दानू, श्रीमती हीरा भट्ट, श्रीमती सुषमा पंचपुरी, श्रीमती सीमा देवी।

इस अवसर पर विधायक खजानदास, सचिव हरि चन्द्र सेमवाल, अपर सचिव प्रशांत आर्य एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

Keywords:- Chief Minister Pushkar Singh Dhami, Tilu Rauteli Award,Anganwadi Worker Award, Women, CM Uttarakhand, Uttarakhand CM 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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