खोपड़ी की सलाह

Rajesh Pandey
short stories

अफ्रीका के किसी कबीले का शिकारी शिकार करते हुए एक विशाल पेड़ पर चढ़ गया। उसने देखा कि पेड़ की जड़ के पास एक मानव खोपड़ी रखी है। खोपड़ी ने शिकारी से कहा कि तुम अपने गांव के लोगों को पहाड़ी पार के जंगल में ले जाओ, जहां जाकर कोई भी भूखा नहीं रहेगा।

वहां खाने के लिए बहुत स्वादिष्ट फल मिलेंगे, लेकिन अपने गांव में किसी को भी यह नहीं बताना कि तुम्हें ये बात किसने बताई। शिकारी ने खोपड़ी से पूछा कि तुम यहां कैसे आए। खोपड़ी ने कहा, मेरे मुंह ने मुझे मार दिया था। कभी मैं भी तुम्हारे जैसा था। शिकारी अपने गाँव लौट आया और तुरंत सभी को बताया कि बात करने वाली खोपड़ी ने मुझे भोजन का एक क्षेत्र दिखाया है।

मुखिया ने उसे कहा, तुम झूठ बोल रहे हो। शिकारी ने कहा, तुम मेरे साथ आओ, मैं साबित कर दूंगा कि मैं जो कह रहा हूं, वह सच है। मुखिया ने कहा, अगर तुम्हारी बात झूठ साबित हुई तो तुम्हें मौत के घाट उतार दिया जाएगा। सभी पेड़ के पास पहुंचे। शिकारी ने खोपड़ी से कहा, तुम बताओ, क्या तुमने मुझे यह नहीं बताया कि पहाड़ी पार के जंगल में खाने के लिए बहुत स्वादिष्ट फल मिलेंगे।

खोपड़ी चुप रही, उसने शिकारी की बात का कोई जवाब नहीं दिया। शिकारी ने एक बार फिर खोपड़ी से सवाल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर मुखिया ने शिकारी को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया। कुछ दिन बाद पेड़ के नीचे दो खोपड़ी थीं। पहले ने दूसरे से कहा, मैंने तुमसे कहा था न कि मैं यहां अपने मुंह की वजह से हूं। वैसे ही जैसे तुम यहां पहुंचे हो।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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