By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: उत्तराखंड के स्कूलों में कम होगा बस्ते का बोझ, माह में एक दिन बैग फ्री डे
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > education > उत्तराखंड के स्कूलों में कम होगा बस्ते का बोझ, माह में एक दिन बैग फ्री डे
educationFeaturedNewsUttarakhand

उत्तराखंड के स्कूलों में कम होगा बस्ते का बोझ, माह में एक दिन बैग फ्री डे

Rajesh Pandey
Last updated: March 9, 2025 5:16 pm
Rajesh Pandey
1 year ago
Share
रुद्रप्रयाग के चोपता कस्बे में स्कूल से घर लौटते बच्चे। फोटो- राजेश पांडेय
SHARE

देहरादून । 9 मार्च 2025

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तकें अब प्रदेश के सभी निजी विद्यालयों में पढ़ाई जाएंगी। इसके अलावा, निजी विद्यालयों में बच्चों के बस्तों का भार कम किया जाएगा। प्रत्येक माह में एक दिन बैग फ्री डे मनाया जाएगा। इसकी विधिवत शुरुआत अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में की जाएगी, जिस पर निजी विद्यालय संगठनों एवं स्कूल संचालकों ने अपनी सहमति व्यक्त की है।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को प्रदेशभर में तेजी से लागू किया जा रहा है।

इसी क्रम में विगत शुक्रवार को प्रदेशभर के निजी विद्यालय संगठनों एवं संचालकों के साथ अहम बैठक हुई, जिसमें राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार ‘हमारी विरासत एवं विभूतियां’ पुस्तकों को कक्षावार निजी विद्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया।

डॉ. रावत ने बताया कि निजी विद्यालयों में पुस्तकें लागू होने से यहां अध्ययनरत देश-विदेश के बच्चे उत्तराखंड की समृद्ध लोक विरासत, सांस्कृतिक विविधता, पृथक राज्य आंदोलन, सांस्कृतिक व सामाजिक चेतना से जुड़े आंदोलन, लोकगीत, लोकनृत्य, पर्यटन व ऐतिहासिक स्थलों सहित राज्य की महान विभूतियों के बारे में जान सकेंगे।

इसके अलावा, सरकारी विद्यालयों की भांति निजी विद्यालयों में भी कक्षावार बस्तों का निर्धारित वजन लागू किया जाएगा, ताकि बच्चों को बस्ते का अनावश्यक बोझ न ढोना पड़े।

प्रत्येक महीने एक दिन निजी विद्यालयों में भी ‘बैग फ्री डे’ लागू किया जाएगा, ताकि बच्चों में पढ़ाई का तनाव कम हो और बच्चों को नई शिक्षण विधियों को अपनाने का अवसर मिल सके। इसकी विधिवत शुरुआत अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में की जाएगी।

विभागीय मंत्री ने बताया कि बैठक में सकल नामांकन अनुपात बढ़ाने में निजी विद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्राइवेट स्कूलों को विद्या समीक्षा केन्द्र से जोड़ने का निर्णय लिया गया।

बैठक में निजी एवं सरकारी विद्यालयों के बीच टीचिंग शेयरिंग प्रोग्राम चलाने, प्रयोगशाला व खेल मैदानों को आपस में साझा करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।

विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने निजी विद्यालयों के प्रत्येक शिक्षक को साक्षर उत्तराखंड अभियान का हिस्सा बनकर एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने तथा स्कूल संचालकों को टीबी मुक्त भारत अभियान में सामाजिक सहभागिता के तहत निःक्षय मित्र बनकर टीबी मरीज को गोद लेने का भी आह्वान किया। जिस पर सभी निजी विद्यालयों के संचालकों ने अपनी सहमति व्यक्त की।

You Might Also Like

क्लीनिकल ट्रायलः कम हो सकता है कैंसर के इलाज में खर्चा
Indian Agriculture Success Stories Mann Ki Baat 2026: केरल के इस गांव में धान की 570 तरह की किस्में, मन की बात में प्रधानमंत्री ने की तारीफ
ANM Health Supervisor Transfer Policy Uttarakhand: उत्तराखंड में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम) और पर्यवेक्षकों को बड़ी राहत
Organ Donation AIIMS Rishikesh: अंगदान करके अमर हो गए ऋषिकेश के रघु पासवान, पांच लोगों को मिला नया जीवन
उत्तराखंड चुनावः रणजीत रावत, संजीव आर्य हारे, रणजीत ने रामनगर सीट पर हरीश रावत का विरोध किया था
TAGGED:Bag free dayEducation NewsNEP-2020SCERT Full formState Council of Educational Research and TrainingUttarakhand School's News
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article मंगलौर में बिना लाइसेंस चल रहा था पनीर बनाने का कारखाना, छापे में हुआ खुलासा
Next Article एम्स ऋषिकेश के सेवा वीरों ने पेश की मिसाल
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?