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Reading: चिकित्सक अनिवार्य रूप से जैनेरिक दवा ही लिखेंः मुख्य सचिव
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NEWSLIVE24x7 > Blog > Featured > चिकित्सक अनिवार्य रूप से जैनेरिक दवा ही लिखेंः मुख्य सचिव
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चिकित्सक अनिवार्य रूप से जैनेरिक दवा ही लिखेंः मुख्य सचिव

Rajesh Pandey
Last updated: August 18, 2021 7:19 pm
Rajesh Pandey
5 years ago
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Dr. SS Sandhu, Photo: Internet
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देहरादून। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए टेलीमेडिसिन सेवा जीवन को बचाने के लिए अति महत्वपूर्ण योजना है, क्योंकि पर्वतीय क्षेत्रों में आपात स्थिति में पेशेन्ट्स का बेहतर सुविधाओं युक्त अस्पताल तक शीघ्रता से पहुंचना संभव नहीं हो पाता और जब तक मरीज अस्पताल तक पहुंचता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

सचिवालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सभी जिला प्रशासन को टेलीमेडिसिन को और बेहतर बनाने, लोगों तक सुगम कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने और इसके लिए किए जाने वाले सभी प्रकार के प्रयासों को अमल में लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि टेलीमेडिसिन सेवाओं को और कारगर बनाने के लिए डेडिकेटेड टीम की तैनाती की जाए, जो केवल इसी कार्य को देखे। परामर्श चाहने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी आसान बनाने के लिए कम से कम दो-तीन आईटी एक्सपर्ट की नियुक्ति करें,साथ ही सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अपने-अपने जनपदों में टेलीमेडिसिन हब आदि में पेयजल, विद्युत, कनेक्टिविटी आदि की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाएं।

इसके लिए चिकित्सकों तथा आईटी एक्सपर्ट का फीडबैक लेते हुए प्रभावी प्लान बनाएं तथा टेलीमेडिसिन के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करें तथा चिकित्सा सुविधाओं का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग रोकने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम डेवलप करें।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में टेलीमेडिसिन को अग्रणी बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर जो भी अच्छी तकनीक-अनुभव हो उस सबको इम्प्लीमेंट करें, क्योंकि टेलीमेडिसिन सेवा उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो सकती है।

उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दें कि टेलीमेडिसिन सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सक अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत जेनेरिक दवाएं ही लिखेंगे। किसी भी प्रकार से इसका उल्लंघन ना होने पाए, इसके लिए सख्त मॉनिटरिंग की जाए।

साथ ही चिकित्सालयों में दवाएं, चिकित्सा उपकरण इत्यादि की किसी भी प्रकार की कमी ना होने पाए। इसके लिए दवा, चिकित्सा उपकरण आदि के टेंडर समय पर संपादित किए जाएं और इसमें किसी भी प्रकार की देरी क्षम्य नहीं होगी।

उन्होंने तैनात होने वाले छोटे से बड़े सभी स्टाफ को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करने और लोगों को बेहतर तरीके से डील करने के हुनर से अवगत कराने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रदेश में टेलीमेडिसीन को प्रभावी बना पाए तो यह पलायन रोकने में भी मददगार रहेगी।

Keywords: Telemedicine services in Uttarakhand, Uttarakhand Health Services, Generics medicine shops in Uttarakhand, Chief Secretary Uttarakhand, Uttarakhand Chief Secretary, Migration from Uttarakhand

Contents
देहरादून। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए टेलीमेडिसिन सेवा जीवन को बचाने के लिए अति महत्वपूर्ण योजना है, क्योंकि पर्वतीय क्षेत्रों में आपात स्थिति में पेशेन्ट्स का बेहतर सुविधाओं युक्त अस्पताल तक शीघ्रता से पहुंचना संभव नहीं हो पाता और जब तक मरीज अस्पताल तक पहुंचता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।सचिवालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सभी जिला प्रशासन को टेलीमेडिसिन को और बेहतर बनाने, लोगों तक सुगम कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने और इसके लिए किए जाने वाले सभी प्रकार के प्रयासों को अमल में लाने के निर्देश दिए।उन्होंने सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि टेलीमेडिसिन सेवाओं को और कारगर बनाने के लिए डेडिकेटेड टीम की तैनाती की जाए, जो केवल इसी कार्य को देखे। परामर्श चाहने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी आसान बनाने के लिए कम से कम दो-तीन आईटी एक्सपर्ट की नियुक्ति करें,साथ ही सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अपने-अपने जनपदों में टेलीमेडिसिन हब आदि में पेयजल, विद्युत, कनेक्टिविटी आदि की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाएं।इसके लिए चिकित्सकों तथा आईटी एक्सपर्ट का फीडबैक लेते हुए प्रभावी प्लान बनाएं तथा टेलीमेडिसिन के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करें तथा चिकित्सा सुविधाओं का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग रोकने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम डेवलप करें।मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में टेलीमेडिसिन को अग्रणी बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर जो भी अच्छी तकनीक-अनुभव हो उस सबको इम्प्लीमेंट करें, क्योंकि टेलीमेडिसिन सेवा उत्तराखंड जैसे पर्वतीय क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो सकती है।उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दें कि टेलीमेडिसिन सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सक अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत जेनेरिक दवाएं ही लिखेंगे। किसी भी प्रकार से इसका उल्लंघन ना होने पाए, इसके लिए सख्त मॉनिटरिंग की जाए।साथ ही चिकित्सालयों में दवाएं, चिकित्सा उपकरण इत्यादि की किसी भी प्रकार की कमी ना होने पाए। इसके लिए दवा, चिकित्सा उपकरण आदि के टेंडर समय पर संपादित किए जाएं और इसमें किसी भी प्रकार की देरी क्षम्य नहीं होगी।उन्होंने तैनात होने वाले छोटे से बड़े सभी स्टाफ को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करने और लोगों को बेहतर तरीके से डील करने के हुनर से अवगत कराने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रदेश में टेलीमेडिसीन को प्रभावी बना पाए तो यह पलायन रोकने में भी मददगार रहेगी।

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TAGGED:Chief Secretary UttarakhandGenerics medicine shops in UttarakhandMigration from UttarakhandTelemedicine services in UttarakhandUttarakhand Chief SecretaryUttarakhand Health Services
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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