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स्वयं सहायता समूहों व स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों को सीएम की सौगात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के लिए 118 करोड़ 35 लाख रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की। सरकार के अनुसार, इससे राज्य में 07 लाख 54 हजार 984 लोग लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पैकेज के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना (आईएलएसपी) के अन्तर्गत गठित 30,365 समूहों को उनके द्वारा लिए ऋण पर 24.82 करोड़ रुपये की ब्याज प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।

उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित 159 सीएलएफ (कलस्टर लेवल फोरम) में प्रति सीएलएफ 5.00 लाख रुपये का एक मुश्त अनुदान दिया जाएगा। जिसकी अनुमानित लागत रुपये 7.95 करोड़ होगी।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं आईएलएसपी के अन्तर्गत गठित सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को स्वावलंबन हेतु 06 माह के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। जिसमें कुल 42989 समूहों को 2000 रुपये प्रतिमाह की दर से कुल 51.59 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लाभार्थियों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से 6 माह के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज प्रतिपूर्ति दी जाएगी। इस पर कुल लागत 9 करोड़ रुपये आएगी।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के ऋण खाता धारकों को 06 माह के लिए ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी अनुमानित लागत एक करोड़ रुपये है।

युवा कल्याण एवं प्रान्तीय विकास दल के युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को स्वावलम्बन हेतु 06 माह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें 20 हजार समूहों को 2 हजार रुपये प्रति माह की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिस पर कुल 24 करोड़ रुपये का व्यय होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों एवं 95 ब्लॉक से जुड़े स्वयं सहायता समूहों से वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने भारत सरकार से पुरस्कृत गौरा स्वयं सहायता समूह को एक लाख रुपये राशि का चेक, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऊधमसिंह नगर जिला की नारी शक्ति क्लस्टर की श्रीमती चन्द्रमणि दास को सम्मानित किया। श्रीमती चन्द्रमणि को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से वर्चुअल संवाद का अवसर प्राप्त हुआ था।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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