बरसात में रखें पेट का ख्याल

Rajesh Pandey

बरसात का मौसम अब पूरी तरह शुरू हो चुका है ऐसे में तरह-तरह की बीमारियां भी लगती हैं। अक्सर लोगों का पेट खराब हो जाता है। वातावरण में नमी काफी बढ़ने से बैक्टीरिया के पनपने की आशंका बहुत बढ़ जाती है। पेट में इंफेक्शन होके कई कारण हो सकते हैं। कई बार गलत खानपान की वजह से तो कई बार सफाई से नहीं रहने की वजह से पेट से जुड़ी समस्याएं हो जाती हैं। इंफेक्शन हो जाने से बार-बार मोशन होना, कमजोरी होना, उल्टी होना और कभी-कभी बुखार होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अगर पेट खराब हो गया है और आप दवाई नहीं खाना चाहते तो इस प्रकार के घरेलू उपाय करें।

  • पेट खराब होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। आप फलें का जूस और सब्जियों का रस भी ले सकते हैं। बेहतर होगा अगर पानी में लवण मिला हो। आप चाहें तो नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल या फिर नारियल पानी ले सकते हैं। गाजर का जूस भी ऐसे समय में काफी फायदेमंद होता है।
  • अदरक का इस्तेमाल काफी कारगर होता है। इसमें एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो पेट दर्द में राहत देता है। एक चम्मच अदरक पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
  • पेट दर्द में दही का इस्तेमाल काफी फायदेमंद रहता है। दही में मौजूद बैक्टीरिया संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिससे पेट जल्दी ठीक होता है। साथ ही ये पेट को ठंडा भी रखता है।
  • अगर आप बार-बार हो रहे मोशन से परेशान हो चुके हैं तो केले का इस्तेमाल आपको राहत देगा। इसमें मौजूद पेक्टिन पेट को बांधने का काम करता है। इसमें मौजूद पोटैशियम की उच्च मात्रा भी शरीर के लिए फायदेमंद होती है।
  • अगर आपको लगातार दस्त हो रहे हों तो एक चम्मच जीरा चबा लें। जीरा चबाकर पानी पी लेने से दस्त बहुत जल्दी रुक जाते हैं।
Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *