उठो, जागो और लक्ष्य पाने तक नहीं रुको

Rajesh Pandey
Swami-Vivekananda Image@Internet

वेदों के ज्ञाता और महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद ने भारत का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने लोगों को जीने की कला सिखाई। उन्होंने कई विषयों पर बहुमूल्य विचारों का ज्ञान कराया। उनके प्रेरणास्पद विचार वर्तमान में भी प्रासंगिक हैं। पेश हैं स्वामी विवेकानंद के कुछ अमूल्य विचार। 

  • जब तक आप अपने आप पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते। 
  • उठो, जागो और अपना लक्ष्य तक पहुंचने तक नहीं रुको। 
  • ब्रह्मांड की सभी शक्तियां पहले से ही हमारी हैं। यह हम हैं, जो अपनी आंखों के सामने हाथ रखकर रोते हैं कि यहां अंधेरा है।
  • किसी की भी निंदा न करें। यदि आप किसी की सहायता के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ऐसा करें। यदि आप नहीं कर सकते हैं तो उनको शुभकामनाएं देकर अपने रास्ते पर जाने दें। 

 

  • जिस काम को जिस समय पर पूरा करने का प्रण लो, उसे ठीक उस समय पर ही करना चाहिए, नहीं तो तुम पर से लोगों का विश्वास खत्म हो जाता है। 
  • एक विचार लो और उसे अपना जीवन बना लो। उसके बारे में सोचो, उसके सपने देखो और इसको जियो। अपने दिमाग, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को इसमें डूबने दो, और बाकी सभी विचारों को किनारे रख दो। यही सफल होने का तरीका है। 

 

  • संघर्ष जितना बड़ा होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
  • जब तक जीना है, तब तक सीखना है। अनुभव ही दुनिया में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।
  • बस वही लोग जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं।
  • जैसा तुम सोचते हो, वैसा हो जाओगे। यदि तुम स्वयं को कमजोर मानते हो, तुम कमजोर हो जाओगे। अगर स्वयं को ताकतवर सोचते हो, तुम ताकतवर हो जाओगे। 
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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