AIIMS Rishikesh में 82 साल की महिला की ब्रेन ट्यूमर की सफल सर्जरी

Rajesh Pandey
AIIMS Rishikesh Building

Successful brain tumor surgery of 82 year old woman in AIIMS Rishikesh

ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सा विशेषज्ञों ने ब्रेन ट्यूमर से ग्रसित 82 वर्षीया बुजुर्ग महिला की जटिलतम सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने चिकित्सकीय टीम को बधाई दी है।

केस से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार बीते माह में की गई यह सर्जरी मस्तिष्क में एक बड़े ट्यूमर से मरीज को राहत दिलाने के लिए आवश्यक हो गई थी। बताया कि इस बीमारी से रोगी को गंभीर सिरदर्द और चलने-फिरने में कठिनाई, दुर्बलता व लकवा जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ रहा था।

महिला अपने दैनिक कार्य करने में असमर्थ थीं। ऐसी स्थितियों वाले बुजुर्ग मरीजों के ऑपरेशन से अत्यधिक जोखिम व चुनौती के बावजूद, एम्स, ऋषिकेश की मेडिकल टीम ने दृढ़ संकल्प और विशेषज्ञता के साथ इस कार्य को बखूबी अंजाम दिया।

इस उपलब्धि पर संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने कहा कि “एम्स, ऋषिकेश रोगियों को उच्चतम गुणवत्ता वाली देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह सफल सर्जरी उस प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। यह हमारे लिए भी गर्व की बात है कि हम किसी मरीज को जीवनदान देने के साथ ही उनके परिवार को इस स्थिति से उबारने का माध्यम बन सके।”

डॉ. जितेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में न्यूरो-सर्जिकल टीम ने आसपास के स्वस्थ ऊतकों को नुकसान के जोखिम को कम करते हुए ट्यूमर को हटाने के लिए रोगी के मस्तिष्क के ग्रसित भाग को सावधानीपूर्वक नेविगेट किया।

उन्होंने बताया, पांच घंटे तक चली इस जटिल तंत्रिका शल्य चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अपने अंजाम तक पहुंचाने के लिए सटिकता, कौशल और न्यूरोसर्जिकल सिद्धांतों की गहरी समझ की नितांत आवश्यकता थी। जो कि इस जटिलतम सर्जरी को सफलता से अंजाम देकर व बुजुर्ग महिला को जीवनदान देकर एम्स के विशेषज्ञों ने साबित कर दिया है।

न्यूरो सर्जन डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी का कहना है, “मुझे शल्य चिकित्सा के उच्चतम मानक की देखभाल प्रदान करने के लिए हमारी टीम के समर्पण और प्रतिबद्धता पर बेहद गर्व है।”

न्यूरोएनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख प्रोफेसर (डॉ.) संजय अग्रवाल ने बताया कि “ट्यूमर की सफल सर्जरी न केवल एक चिकित्सकीय कार्यों में सफलता को प्रामाणिक करता है, बल्कि स्वयं में मरीज की ताकत और दृढ़ता का भी प्रमाण है। इसी के साथ हमने सर्जरी के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती, और हमें सफल सर्जरी पर अपनी न्यूरो-एनेस्थीसिया टीम की सफलता की प्रसन्नता है।”

सर्जरी के बाद, मरीज वर्तमान में अस्पताल के चिकित्सा कर्मचारियों की सावधानीपूर्वक देखभाल के तहत स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। इसकी प्रारंभिक रिपोर्टें अनुकूल पूर्वानुमान का संकेत देती हैं, जिसमें रोगी में सुधार के लक्षण और आशावादी दृष्टिकोण दिखाई दे रहा है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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