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मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ में तृतीय शाही स्नान ’मेष संक्रांति’ पर श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हरिद्वार कुंभ में तृतीय शाही स्नान ’मेष संक्रांति’ पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ 2021 के प्रथम और द्वितीय शाही स्नान का आयोजन सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है।
हरिद्वार कुंभ 2021 में शाही स्नान में संत समाज से लेकर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया और सभी राज्य सरकार की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए। भगवान बदरी विशाल, बाबा केदार और गंगा मैया के आशीर्वाद से शाही स्नान भी सफलतापूर्वक संपन्न होगा, मुझे इसका पूर्ण विश्वास है।
कुंभ मेले में तृतीय शाही स्नान के दौरान साधु-संतों और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी है।
कुंभ में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित करने के लिए हर अखाड़े के स्नान का समय पहले से निर्धारित कर दिया गया है। अन्य श्रद्धालुओं के लिए भी अलग से स्नान की व्यवस्था की गई है। सभी सुरक्षा कर्मी, सफाई कर्मी, मेडिकल स्टाफ आदि अपना कार्य पूरी मुस्तैदी से कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने तृतीय शाही स्नान के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि कोविड को लेकर भारत सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइन का पालन अवश्य करें। सभी श्रद्धालु मास्क पहनें, सामाजिक दूरी बनाए रखें और समय-समय पर हाथों को सैनेटाइज भी करते रहें।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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