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प्रधानमंत्री कल एम्स ऋषिकेश पहुंचेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी सात अक्टूबर को सुबह 11 बजे उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश में होने वाले एक कार्यक्रम में 35 राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में पीएम केयर्स के तहत स्थापित 35 प्रेशर स्विंग एड्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इससे देश के सभी जिलों में पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र चालू हो जाएंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री सभा भी संबोधित करेंगे।

अब तक, पूरे देश में 1,224 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों को पीएम केयर्स के तहत वित्तपोषित किया गया है, जिनमें से 1,100 से अधिक संयंत्रों को चालू किया गया है, जिससे प्रतिदिन 1,750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। यह कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से भारत की चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार के सकारात्‍मक उपायों का प्रमाण है।

देश के प्रत्येक जिले में एक पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र चालू करने की परियोजना को पहाड़ी क्षेत्रों, द्वीपों और दुगर्म भू-भाग वाले क्षेत्रों की जटिल चुनौतियों से निपटने के उद्देश्‍य से क्रियान्वित किया गया था।

सात हजार से अधिक कार्मिकों को प्रशिक्षण देकर इन संयंत्रों का संचालन और रखरखाव सुनिश्चित किया गया है। वो एक सशक्‍त वेब पोर्टल के माध्यम से अपने कामकाज एवं निष्‍पादन की तत्‍काल निगरानी के लिए एक एम्बेडेड इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) डिवाइस के साथ होते हैं। इस अवसर पर केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ उत्तराखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

 

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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