स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है आम

Rajesh Pandey

रसीले आमों का स्वाद किसे पसंद नहीं होता गर्मियों के मौसम का इंतजार ही हम आम असली स्वाद पाने के लिए करते है। बाजार में भले ही कितनी ही पेय पदार्थ आ जाएं जो ये दावा करें वे असली आम का स्वाद देते हैं पर जो मजा आम को छिलके के साथ अपने हाथ में लेकर खाने में है वो रासायनिक ड्रिंक्स में कहां। आम के स्वाद के साथ ही कई अन्य लाभ भी हैं। इसी लिए इसे फलों का राजा भी कहा जाता है। ऐसे में यदि हम आपसे कहें कि आप खाने से न सिर्फ स्वाद मिलता है, बल्कि यह सेहत का भी खजाना है तो यह कहना गलत नहीं होगा।
अगर आप अपने बढ़े वजन से परेशान हैं, तो आप आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। यह स्वाद के साथ आपको मोटापा से निजाद भी दिलाता है। मोटापा कम करने के लिए आम बहुत अच्छा है आम की गुठली के रेशे अतिरिक्त चर्बी को कम करते हैं। आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कोलोन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर से बचाव में लाभकारी माना गया है। इससे ल्यूकेमिया में भी फायदा होता है। आम में पाया जाने वाला ग्लूटामिन एसिड याददाश्त को तेज करता है। आम खाने से आपका पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। इसमें कई तरह के एंजाइम्स होते हैं। ये प्रोटीन को तोड़ने में मददगार होते हैं। जो भोजन को जल्दी पचाने में सहायक साबित होता है। आम में विटामिन ही नहीं फाइबर भी होता है। फाइबर उन लोगों के लिए बहुत ही अच्छा होता है जिन्हें अक्सर कब्ज की शिकायत रहती है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल को संतुलन में लाने में भी मदद होती है। आम एक ऐसा फल है, जिसमें विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है। विटामिन ए आपकी आंखों के लिए बहुत अच्छा होता है। अगर आप लगातार कम्प्यूटर पर बैठे रहते हैं या ऐसे काम करते हैं, जिनसे आंखों को दर्द होता है, तो यह उससे राहत देता है। इसके अलावा आम में विटामिन सी भी होता है। आम में मौजूद टरटैरिक एसिड और साइर्टिक एसिड शरीर के क्षारीय तत्वों को संतुलित बनाता है।

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *