एकांत

Rajesh Pandey
  • सोनिया बहुखंडी

जिद्दी पहाड़ों के बीच
घने देवदारु के नीचे “एकांत”

लेखक एवं कवि सोनिया बहुखंडी

आदमखोर बाघ की तरह सुस्ताता है।

दूर गांव में कोलाहल जलती मशाल की तरह चमकता है
दब्बू आँखों में डर को समेटकर
शहर लांघ आता है “आदमखोर”
तुम्हारे ऑफिस के कमरे में….
घूरता है मुझे खा जाने के लिए।

अचानक शमशेर की कविताएं
बर्फ की तरह पिघलती हैं
और नदी बनकर मेरी मुझमे बहने लगती हैं।

तुम्हारा प्रेम चमकते तारों का सा भाल बन जाता है
और गिरता है मुझपर, एकान्त खुद को समाप्त कर देता है!
एकांत की मौत पर, तुम्हारी आँखों के तारे टूट कर
ख्वाहिश बन जाते हैं।

एकांत पुनर्जीवित होता है,
नदी के आंचल में तुम्हारे नीले कुर्ते का रंग गहरा नजर आता है।
शाम के दुपट्टे में दीपदीपाते हैं रौशनी के जुगनू
एकान्त हम दोनों का हाथ थामता है…
और फिर लांघता है शहर से गाँव
छोड़ देता है देवदारु के नीचे,
फिर गायब हो जाता है।
असल में एकान्त स्वभक्षी है, जो दो प्रेमियों के “एकात्म” बाद खुद को खा जाता है।

 

 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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