आइसक्रीम और वो छोटा बच्चा

Rajesh Pandey

दस साल के एक बच्चे ने आइसक्रीम शॉप में एंट्री की और टेबल के सामने रखी कुर्सी पर बैठ गया। वेटरस ने उसके सामने टेबल पर पानी का गिलास रख दिया। थोड़ी देर में लौटी वेटरस ने उससे पूछा, आपको क्या चाहिए। बच्चे ने किसी खास तरह के फ्लेवर वाली आइसक्रीम की डिमांड की औऱ आइसक्रीम के दाम भी पूछे। वेटरस ने जवाब दिया कि यह आइसक्रीम 20 रुपये की है। 

बच्चे ने अपनी जेब में हाथ डाला औऱ कुछ नोट औऱ सिक्के निकालकर गिने, जो कुल मिलाकर 20 रुपये ही थे। उसने वेटरस से पूछा कि अगर में सादी आइसक्रीम आर्डर करूं तो कितने दाम की होगी। वह बच्चा वेटरस से आइसक्रीम के दाम की पूछताछ कर रहा था औऱ दूसरी तरह अन्य ग्राहक आवाज लगा रहे थे।

बच्चे की इस इन्क्ववायरी से वेटरस का सब्र टूट रहा था। उसने बच्चे पर खीझते हुए जवाब दिया कि सादी आइसक्रीम 10 रुपये की है, लानी है या नहीं। बच्चे ने हां में जवाब देते हुए उसको 10 रुपये वाली आइसक्रीम का आर्डर दे दिया। 

वेटरस ने बच्चे के सामने एक प्लेट में आइसक्रीम र दी। कुछ देर में बच्चे को आइसक्रीम का बिल दे दिया गया। बच्चे ने आइसक्रीम खाकर कैशियर को बिल चुकाया और चला गया। वेटरस टेबल की सफाई करने पहुंची तो उसने देखा कि प्लेट के नीचे उसकी टिप के दस रुपये रखे थे। उसको यह समझते देर नहीं लगी कि उस बच्चे ने अपनी पसंद की आइसक्रीम खाने से ज्यादा ख्याल उसकी टिप का रखा। वह बेवजह से उस पर नाराज हो रही थी। 

संदेश- कभी कभी हम जाने अंजाने में अपने हितैषियों पर ही नाराज हो जाते हैं। इसका अंदाजा हमें बाद में होता है। 

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *