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कल से सात मार्च तक जन औषधि दिवस सप्ताह

चौथा जन औषधि दिवस का विषय है “जन औषधि-जन उपयोगी”

नई दिल्ली। फार्मास्युटिकल विभाग के तहत फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) चौथा जन औषधि दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न स्थानों पर सप्ताह भर का आयोजन किया जाएगा। इससे जेनेरिक औषधियों के उपयोग तथा जन औषधि परियोजना के लाभ के बारे में जागरूकता पैदा होगी।

जन औषधि केंद्रों के स्वामियों, लाभार्थियों, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों, जन-प्रतिनिधियों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, नर्सों, फार्मासिस्टों, जन औषधि मित्रों तथा अन्य हितधारकों के परस्पर समन्वय से सप्ताहभर के आयोजन किए जाएंगे और योजना की प्रमुख विशेषताओं तथा उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी।

सभी कार्यक्रम “आजादी का अमृत महोत्सव” की भावना के तहत होंगे। 75 स्थानों पर कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। ये कार्यक्रम विभिन्न शहरों में एक मार्च से सात मार्च, 2022 तक आयोजित किए जाएंगे। जिनका फोकस जन औषधि योजना के बारे में जागरूकता, संगोष्ठियों, बच्चों, महिलाओं तथा स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी, हेरिटेज वॉक तथा हेल्थ वॉक तथा अन्य कार्यक्रमों पर होगा। देश के विभिन्न भागों में दिन के अनुसार गतिविधियां इस तरह तय की गई हैं।

क्रम सं. तिथि कार्यक्रम
1. 01.03.2022 जन औषधि संकल्प पदयात्रा
2. 02.03.2022 मातृ शक्ति सम्मान/स्वाभिमान
3. 03.03.2022 जन औषधि बाल मित्र
4. 04.03.2022 जन औषधि जन जागरण अभियान
5. 05.03.2022 आओ जन औषधि मित्र बनें
6. 06.03.2022 जन औषधि जन आरोग्य मेला (स्वास्थ्य जांच शिविर)
7. 07.03.2022 जन औषधि दिवस

 

मुख्य कार्यक्रम “जन औषधि दिवस” सोमवार सात मार्च, 2022 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और रसायन तथा उर्वरक राज्यमंत्री भगवंत खूबा इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

सभी को उचित मूल्य पर गुणवत्ता संपन्न जेनेरिक औषधियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नवंबर 2008 में रसायन तथा उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्युटिकल्स विभाग ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना लांच की गई।

31 जनवरी, 2022 तक स्टोरों की संख्या बढ़कर 8,675 हो गई है। इसके अंतर्गत देश के सभी 739 जिलों को कवर किया गया है। यह योजना देश के प्रत्येक कोने में लोगों के लिए किफायती औषधि तक आसान पहुंच सुनिश्चित करती है। सरकार ने मार्च 2025 के अंत तक जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 10,500 करने का लक्ष्य तय किया है। इन केंद्रों की उत्पाद बास्केट में 1451 दवाइयां तथा 240 सर्जिकल उपकरण हैं। नई दवाइयां तथा न्यूट्रास्युटिकल प्रोटीन पाउडर, जौ-आधारित खाद्य पूरक, प्रोटीन बार, इम्युनिटी बार तथा सैनिटाइजर, मास्क, ग्लूकोमीटर, ऑक्सीमीटर जैसे न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद लांच किए गए हैं।

वर्तमान में इसके आईटी सक्षम गोदाम गुरुग्राम, चेन्नई तथा ऐंप, गुवाहाटी में कार्यरत हैं। चौथा गोदाम सूरत में संचालन के लिए तैयार है। देशभर में दूर-दराज तथा ग्रामीण इलाकों में दवाइयों की सप्लाई में सहयोग के लिए 39 वितरक नियुक्त किए गए हैं।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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