By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: जीवन में कौन महत्वपूर्ण – पत्थर, कंकड़ या फिर रेत
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Inspirational story > improvement yourself > जीवन में कौन महत्वपूर्ण – पत्थर, कंकड़ या फिर रेत
Featuredimprovement yourself

जीवन में कौन महत्वपूर्ण – पत्थर, कंकड़ या फिर रेत

Rajesh Pandey
Last updated: October 29, 2017 10:08 pm
Rajesh Pandey
8 years ago
Share
SHARE

दर्शनशास्त्र के एक प्रोफेसर अपनी क्लास में तरह-तरह के प्रयोग करने के लिए जाने जाते थे। एक दिन उनकी क्लास में मेज पर पत्थर, कंकड़ और रेत से भरा बाक्स रखा था। पास में ही एक खाली जार था। प्रोफेसर ने छात्रों से कहा, क्या यह जार खाली है। छात्रों ने स्वीकार किया कि जार खाली है। 

प्रोफेसर ने कुछ पत्थर उठाकर जारी में भर दिए। जार अभी भी खाली था। इसके बाद उसमें कुछ कंकड़ डाल दिए। जार को हल्के से हिलाया और खाली बचे हिस्से में कंकड़ जमा हो गए। उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या जार भरा है। छात्रों ने कहा- जी हां, जार भर गया है। प्रोफेसर ने रेत से भरा बाक्स उठाया और रेत को जार में डालने लगे। जार में खाली बचे स्थान में रेत भर गया। जार को थोड़ी देर हिलाया और रेत ने भी अपने लिए जगह बना ली। छात्र समझ नहीं पा रहे थे कि प्रोफेसर आखिर कहना क्या चाहते हैं। हालांकि वो जानते थे कि आज फिर कुछ ऐसा सीखने को मिलेगा, जो हमारे जीवन का आसान बना देगा।

प्रोफेसर ने छात्रों से पूछा कि क्या जार भर गया है। सभी छात्रों ने एक साथ हां में जवाब दिया। अब प्रोफेसर ने कहा, “मैं चाहता हूं कि आप यह पहचान लें कि यह जार आपके जीवन का प्रतिनिधित्व करता है। पत्थर आपके लिए महत्वपूर्ण चीज है, जो आपके परिवार, आपके साथियों, आपके स्वास्थ्य, आपके बच्चों को दर्शाते हैं, जिनको कार्य बोझ के कारण अक्सर भुला दिया जाता हैं। आप इनको अपने जीवन में स्थान देंगे, तब ही आपका जीवन पूरा होगा।कंकड़ जैसी अन्य चीजें भी महत्वपूर्ण हैं – जैसे आपकी नौकरी, आपका घर, आपकी कार और अन्य चीजें। रेत इनके बाद की अन्य वस्तुओं में आता है। 

“यदि आप पहली बार जार में रेत डालते तो क्या कंकड़ और पत्थरों के लिए जगह बचती। ऐसा ही कुछ आपके जीवन में होता है। यदि आप अपने छोटे और कम महत्वपूर्ण कार्यों पर समय और ऊर्जा खर्च करते हैं, तो आप उन चीजों के लिए जगह नहीं बना सकते, जो आपके लिए महत्वपूर्ण हैं। अपनी खुशी के लिए महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान दें।

अपने बच्चों के साथ खेले। अपने जीवन साथी और परिवार के साथ घूमने जाएं। उनको ज्यादा से ज्यादा समय देने की कोशिश करें। “पहले जीवन की नींव का ख्याल रखना सीखें, क्योंकि वास्तव में यही मायने रखती हैं। इसके बाद ही अन्य चीजों को अपनी प्राथमिकता में शामिल करें। क्योंकि बाकि जो भी कुछ है, वह रेत की तरह है। (अनुवादित)

You Might Also Like

05 दिसंबर को मृदा दिवसः मिट्टी में बढ़ रहा खारापन खाद्य सुरक्षा पर खतरा
किसानों की सहूलियत के कृषि औजार बनाकर लाखों कमा रहा यह युवा
छात्रों के ड्रॉप आउट के कारणों का अध्ययन करें अफसरः धामी
मिर्च का स्वाद बनाए रखने के लिए भूटान का व्यावसायिक सफर
AIIMS Rishikesh में सिरोसिस बीमारी का अब ’टिप्स’ से होगा इलाज
TAGGED:HappinessMotivationpebblesphilosophy professorSand
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article खालसा फर्नीचरः हमारे ग्राहकों से मिलिए
Next Article फर्नीचर पर दस साल की गारंटी
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?