उत्तराखंड में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए दो नये चैनल

Rajesh Pandey

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में ज्ञानवाणी चैनल का वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षण अधिगम से लगातार जोड़े रखने के लिए शिक्षा विभाग और जियो ने मिलकर ऑनलाइन एजुकेशन चैनल ज्ञानवाणी-1 और ज्ञानवाणी-2 की शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री ने कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑनलाइन शिक्षण के उद्देश्य से शुरू ज्ञानवाणी चैनल का लाभ प्रदेश के सभी बच्चों को मिले। ज्ञानवाणी चैनल की सार्थकता तभी होगी, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक इसका लाभ पहुंचे।

उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षण के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी शैक्षणिक गतिविधियां चल रही है।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा, कोविड के दौरान ऑनलाइन शिक्षण का प्रचलन शुरू हुआ। आज ऑनलाइन माध्यम से अनेक शैक्षणिक गतिविधियां की जा रही हैं। सुझाव दिया कि ज्ञानवाणी चैनल के माध्यम से पीएम ई विद्या के कंटेंट को भी शामिल किया जाए, जो पूर्णतः एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित है।

शिक्षा सचिव राधिका झा ने कहा कि ऑफलाइन शिक्षण के साथ ही बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से भी शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञानवाणी- 1 प्राथमिक कक्षाओं एवं ज्ञानवाणी- 2 माध्यमिक कक्षाओं के लिए है।

जियो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल अग्रवाल ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े एनजीओ भी शिक्षा विभाग के माध्यम से  ज्ञानवाणी में कंटेंट का प्रसारण कर सकते हैं। जल्द ही धारचूला में जियो की 4जी कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी।

इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून डॉ. मुकुल सती, जियो के स्टेट कोआर्डिनेटर दीपक सिंह एवं वर्चुअल माध्यम से सभी मुख्य शिक्षाधिकारी एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

 

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में ज्ञानवाणी चैनल का वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षण अधिगम से लगातार जोड़े रखने के लिए शिक्षा विभाग और जियो ने मिलकर ऑनलाइन एजुकेशन चैनल ज्ञानवाणी-1 और ज्ञानवाणी-2 की शुरुआत की है।मुख्यमंत्री ने कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑनलाइन शिक्षण के उद्देश्य से शुरू ज्ञानवाणी चैनल का लाभ प्रदेश के सभी बच्चों को मिले। ज्ञानवाणी चैनल की सार्थकता तभी होगी, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक इसका लाभ पहुंचे।उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षण के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी शैक्षणिक गतिविधियां चल रही है।शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा, कोविड के दौरान ऑनलाइन शिक्षण का प्रचलन शुरू हुआ। आज ऑनलाइन माध्यम से अनेक शैक्षणिक गतिविधियां की जा रही हैं। सुझाव दिया कि ज्ञानवाणी चैनल के माध्यम से पीएम ई विद्या के कंटेंट को भी शामिल किया जाए, जो पूर्णतः एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित है।शिक्षा सचिव राधिका झा ने कहा कि ऑफलाइन शिक्षण के साथ ही बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से भी शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञानवाणी- 1 प्राथमिक कक्षाओं एवं ज्ञानवाणी- 2 माध्यमिक कक्षाओं के लिए है।जियो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल अग्रवाल ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े एनजीओ भी शिक्षा विभाग के माध्यम से  ज्ञानवाणी में कंटेंट का प्रसारण कर सकते हैं। जल्द ही धारचूला में जियो की 4जी कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी।इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून डॉ. मुकुल सती, जियो के स्टेट कोआर्डिनेटर दीपक सिंह एवं वर्चुअल माध्यम से सभी मुख्य शिक्षाधिकारी एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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