देहरादून, 11 अक्तूबर, 2026ः एम्पावर सोसाइटी द्वारा देहरादून में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में मेडिकल इमरजेंसी विशेषज्ञ डॉ. अशिमेश देब शर्मा ने प्रतिभागियों को त्वचा संबंधी विभिन्न रोगों पर प्राथमिक उपचार और बचाव से जुड़ी जरूरी सावधानियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
डॉ. अशिमेश देब शर्मा अपने पांच दिवसीय देहरादून प्रवास के दौरान कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े रहे। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और फील्ड में काम करने वाले कार्यकर्ताओं व सामुदायिक प्रतिनिधियों के लिए त्वचा की देखभाल और स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान डॉ. शर्मा ने बताया कि पर्वतीय व ग्रामीण अंचलों में फील्ड वर्क, कृषि, बागवानी और प्राकृतिक संसाधनों (जैसे सेरीकल्चर व नेचुरल फाइबर्स) के साथ काम करते समय त्वचा का विभिन्न संक्रमणों, एलर्जी और बाहरी प्रभावों के संपर्क में आना स्वाभाविक है। ऐसे में समय रहते बचाव और सही प्राथमिक देखभाल बेहद जरूरी है:
संक्रमण से बचाव: फील्ड में कार्य करते समय व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पानी के उपयोग (वॉश) और हाथों की नियमित सफाई पर ध्यान देना।
एलर्जी और कीट-पतंगों से सुरक्षा: जंगलों व खेतों में कार्य के दौरान कीटों के काटने या विषैले पौधों के संपर्क में आने से होने वाले चकत्तों, खुजली और संक्रमण से बचाव के उपाय।
त्वरित प्राथमिक उपचार: किसी भी आपातकालीन स्थिति या त्वचा पर गंभीर लक्षण दिखने पर तत्काल उठाए जाने वाले कदम और घरेलू नुस्खों के बजाय सही चिकित्सीय परामर्श का महत्व।
एम्पावर सोसाइटी की सचिव मोनीदीपा सरमा ने बताया कि डॉ. शर्मा के इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण से प्रतिभागियों और मास्टर ट्रेनर्स को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों ने कहा कि यह प्रशिक्षण उन्हें गांवों में काम करते समय स्वयं को सुरक्षित रखने और स्थानीय ग्रामीणों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में बेहद उपयोगी साबित होगा।
इससे पहले देहरादून पहुंचने पर सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।





