AIIMS Rishikesh Cancer Treatment: एम्स ऋषिकेश में कैंसर रोगियों के उपचार की सभी आधुनिक सुविधाएं, पेट स्कैन जैसी जांच भी हो रहीं

उत्तराखंड में कैंसर के मामलों में पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर और जठरांत्र (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) कैंसर सामान्य हैं। जबकि महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक पाया जाता है। दूसरा स्थान सर्वाइकल कैंसर का है।

Rajesh Pandey

राज्य में पेट स्कैन की सुविधा वाला पहला सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है एम्स ऋषिकेश
मरीजों का रखा जा रहा रिकाॅर्ड, प्रतिवर्ष हो रही कैंसर रजिस्ट्री

AIIMS Rishikesh Cancer Treatment: ऋषिकेश, 17 अप्रैल 2026ः अभी तक घातक बीमारी में शामिल कैंसर अब लाइलाज नहीं है। बशर्ते कि कैंसर अपने अंतिम चरण में न पहुंचा हो। आधुनिक उच्च तकनीकों का इस्तेमाल करने से इसका इलाज अब पहले की अपेक्षा आसान हो गया है। एम्स ऋषिकेश में कैंसर की जांच और इलाज की सभी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद हैं। इनमें उच्च तकनीक आधारित पेट स्कैन जैसी जांच भी शामिल है।

एम्स ऋषिकेश की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कैंसर से लड़ने और इस पर विजय पाने के लिए दुनिया भर में नित नए चिकित्सीय उपाय और अनुसंधान हो रहे हैं। रोबोटिक सर्जरी जैसी नई तकनीक से तो कैंसर के इलाज में विशेष क्रांतिकारी बदलाव आया है। रोबोटिक सर्जरी में सर्जन को दस गुना बड़ा त्रिआयामी चित्र दिखता है और इलाज के दौरान गलती की आशंका बहुत कम होने से इलाज बेहद सटीक हो जाता है।

आमतौर पर कैंसर के इलाज में कीमोथेरैपी, रेडिएशन थेरैपी और सर्जरी का ही उपयोग किया जाता है। एम्स ऋषिकेश कैंसर मरीजों के इलाज में न केवल विकसित स्वास्थ्य सुविधाओं को उपयोग कर रहा है, बल्कि यहां कैंसर मरीजों का पूरा रिकाॅर्ड भी रखा जाता है। इसे कैंसर रजिस्ट्री का नाम दिया गया है। रिकॉर्ड को हॉस्पिटल बेस और पॉपुलेशन बेस दोनों स्तर पर रखा जा रहा है।

AIIMS Rishikesh Cancer Treatment: हेमेटोलाॅजी विभाग के हेड प्रो. उत्तम नाथ बताते हैं कि कैंसर के शुरुआती चरण में पता लगाना आधी लड़ाई जीतने जैसा है। उन्होंने बताया कि दो कैंसर कभी एक जैसे नहीं होते। ऐसे में जेनेटिक प्रोफाइलिंग कारगर साबित होती है। इसमें बेहतर और प्रभावी उपचार, कम दुष्प्रभाव और रोग को पूरी तरह से खत्म करने की अधिक संभावना होती है। इसके अलावा विकिरण चिकित्सा, रोबोटिक सर्जरी और इम्यूनोथेरैपी जैसी तकनीकें भी कैंसर के इलाज को आसान बना रही हैं। ये सभी सुविधाएं एम्स ऋषिकेश में उपलब्ध हैं।

विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. दीपक सुन्दरियाल ने बताया कि भारत में कैंसर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में उभर रहा है। पिछले तीन दशकों में देश में कैंसर की घटनाओं, प्रसार और इससे होने वाली मृत्यु दर में निरंतर वृद्धि देखी गई है।

उन्होंने बताया कि पुरुषों में मुंह का (ओरल) कैंसर, फेफड़ों का कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर के मामले ज्यादा हैं, जबकि महिलाओं में स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर और अंडाशय (ओवेरियन) कैंसर के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।

डाॅ. सुन्दरियाल ने बताया कि उत्तराखंड में कैंसर के मामलों में पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर और जठरांत्र (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) कैंसर सामान्य हैं। जबकि महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक पाया जाता है। दूसरा स्थान सर्वाइकल कैंसर का है।

पेट स्कैन (पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी) मशीन

AIIMS Rishikesh Cancer Treatment: पेट स्कैन एम्स में पिछले वर्ष अप्रैल 2025 में स्थापित की गई थी। यह एक उन्नत इमेजिंग परीक्षण है, जो शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली और कोशिकाओं की गतिविधि का पता लगाता है। यह कैंसर कोशिकाओं का पता लगाने, ट्यूमर के फैलने की जांच करने और उपचार के बाद परिणाम देखने के लिए सबसे प्रभावी तकनीक है। न्यूक्लियर मेडिसिन की हेड प्रो. मनीषी नारायण ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान 1590 लोगों ने पेट स्कैन सुविधा का लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि प्रति माह लगभग 150 रोगी यह जांच करा रहे हैं।

’कैंसर की रोकथाम के लिए समय पर पहचान और बेहतर इलाज बहुत जरूरी है। एम्स ऋषिकेश कैंसर की रोकथाम, बीमारी की जांच, निदान और इलाज के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए इसके प्रभाव को कम करने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। इसके अलावा संस्थान, कैंसर जागरूकता बढ़ाने के लिए भी नियमित स्तर पर जागरूकता के कार्यक्रम चला रहा है।’’
– प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक, एम्स ऋषिकेश

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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