देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार देर शाम सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन प्रबंधन केन्द्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
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मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की बैठक में आपदा से सम्बन्धित सूचना संकलन, प्रेषण एवं जनपदों से समन्वय आदि की प्रक्रियाओं की जानकारी ली।उन्होंने लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क बंद होने की स्थिति में जखोली एवं नारायणबगड़ में तैनात जेसीबी के चालकों से भी दूरभाष पर वार्ता कर स्थिति को जाना। हर समय सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ दायित्वों के निर्वहन को कहा।मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिए कि आपदा से सम्बन्धित सूचनाओं से उन्हें भी अविलम्ब अवगत कराया जाए। साथ ही शासन के उच्चाधिकारियों एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों का एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाने को कहा, ताकि आपदा राहत कार्यों में त्वरित कार्यवाही की जा सके।उन्होंने जिलाधिकारियों से भी निरंतर समन्वय बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास आपदा के दौरान लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने का है, इस पर आपसी समन्वय एवं तत्परता के साथ ध्यान दिया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितम्बर तक सभी सड़कों की स्थिति का भी आकलन कर लिया जाए, ताकि वर्षा समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत का कार्य अविलम्ब शुरू किया जा सके। उन्होंने कन्ट्रोल रूम के टोल फ्री नम्बर, लॉग बुक आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं।सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरुगेशन ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में आपदा की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 24 घंटे आपदा प्रबंधन केंद्र को संचालित किया जा रहा है।धारचूला एवं गौचर में एक-एक हेलीकॉप्टर आपदा राहत के लिए तैनात किया गया है। सभी जिलाधिकारियों से निरंतर सम्पर्क बनाया जा रहा है। एसडीआरएफ, आईटीबीपी एवं आर्मी से भी आवश्यकता पड़ने पर सम्पर्क किये जाने की व्यवस्था तथा संचार सुविधाओं को प्रभावी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की बैठक में आपदा से सम्बन्धित सूचना संकलन, प्रेषण एवं जनपदों से समन्वय आदि की प्रक्रियाओं की जानकारी ली।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क बंद होने की स्थिति में जखोली एवं नारायणबगड़ में तैनात जेसीबी के चालकों से भी दूरभाष पर वार्ता कर स्थिति को जाना। हर समय सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ दायित्वों के निर्वहन को कहा।
मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिए कि आपदा से सम्बन्धित सूचनाओं से उन्हें भी अविलम्ब अवगत कराया जाए। साथ ही शासन के उच्चाधिकारियों एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों का एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाने को कहा, ताकि आपदा राहत कार्यों में त्वरित कार्यवाही की जा सके।
उन्होंने जिलाधिकारियों से भी निरंतर समन्वय बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास आपदा के दौरान लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने का है, इस पर आपसी समन्वय एवं तत्परता के साथ ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितम्बर तक सभी सड़कों की स्थिति का भी आकलन कर लिया जाए, ताकि वर्षा समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत का कार्य अविलम्ब शुरू किया जा सके। उन्होंने कन्ट्रोल रूम के टोल फ्री नम्बर, लॉग बुक आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं।
सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरुगेशन ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में आपदा की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 24 घंटे आपदा प्रबंधन केंद्र को संचालित किया जा रहा है।
धारचूला एवं गौचर में एक-एक हेलीकॉप्टर आपदा राहत के लिए तैनात किया गया है। सभी जिलाधिकारियों से निरंतर सम्पर्क बनाया जा रहा है। एसडीआरएफ, आईटीबीपी एवं आर्मी से भी आवश्यकता पड़ने पर सम्पर्क किये जाने की व्यवस्था तथा संचार सुविधाओं को प्रभावी बनाया गया है।
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