देवस्थानम बोर्ड पर हरीश रावत बोले, केवल जिद से सरकारें नहीं चलतीं

0
85
Harish Rawat Photo: en.wikipedia.org

देहरादून। देवस्थानम बोर्ड पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कुछ पक्ष में तो एक बड़ी संख्या देवस्थानम बोर्ड के विरोध में खड़ी है। सरकार दो साल में राज्य को यह नहीं समझा पाई कि देवस्थानम बोर्ड बनाने से मंदिरों की व्यवस्था में क्या सुधार आएगा और इससे क्या फायदा होगा।

सोशल मीडिया पर रावत ने कहा कि केवल आय के लिए यदि पुरानी परंपरा को बदल रहे हैं तो वो न्याय संगत नहीं है। उसके पीछे चारधाम यात्रा को सुगम और सुचारू बनाने की सोच होनी चाहिए और उसमें यात्रियों का हित सर्वोपरि माना जाना चाहिए, फिर स्थानीय लोगों का हित सर्वोपरि माना जाना चाहिए।

उनका कहना है कि केवल जिद से सरकारें नहीं चलती हैं। एक प्रयोग किया आपने और यदि उस प्रयोग के नतीजे बहुत लाभकारी नहीं दिखाई दे रहे हैं तो फिर अपने ही राज्य की जनता के एक हिस्से पर अपने विचार व निर्णय को थोपना, राज्य सरकार के लिए उचित नहीं है।

रावत का कहना है कि पहले से ही मंदिर कमेटियां बनी हुई हैं, आप उनकी फंक्शनिंग को और सुधार लीजिए। आय अर्जन के लिए कुछ और तरीके निकाल करके, उन तरीकों को मंदिर कमेटी और पुरोहितगणों की संस्था के साथ मिलकर के क्रियान्वित करिए।

उन्होंने कहा कि मगर अभी तक मैं यह नहीं समझ पाया हूंँ कि देवस्थानम बोर्ड बनने से कौन सा क्रांतिकारी परिवर्तन हमारी चारधाम यात्रा में आया है?

Keywords:- Harish Rawat, Devsthanam Board, Uttarakhand Government, Politics in Uttarakhand, Uttarakhand Election 2022, Chardham Yatra Uttarakhand, Uttarakhand Chardham yatra, Temple committee Uttarakhand, Uttarakhand Temple Committee

 

LEAVE A REPLY