बासमती के लिए प्रसिद्ध देहरादून की यह घाटी, आज आंदोलन करने को मजबूर हैं किसान

Rajesh Pandey

डोईवाला। 16 फरवरी, 2025

देहरादून बासमती दुनिया में प्रसिद्ध है, पर क्या आप जानते हैं कि देहरादून के डोईवाला ब्लॉक के जिन क्षेत्रों में उगने वाली बासमती ने दुनिया में पहचान बनाई, उनमें से एक दूधली घाटी क्षेत्र है। पर, दूधली घाटी क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों के किसानों ने दूधली डोईवाला रोड चौड़ीकरण की मांग सहित एक और प्रमुख मांग को लेकर आंदोलन की शुरुआत की है। यह मांग सबसे ज्यादा प्रदूषित सुसवा नदी को स्वच्छ बनाने की है, क्योंकि इस नदी से अधिकतर खेती होती है। किसानों का कहना है कि नदी में प्रदूषण की वजह से कैंसर पीड़ित बढ़ रहे हैं।

प्रगतिशील किसान उमेद बोरा का कहना है कि रविवार को उत्तराखंड सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन किया गया। उपवास एवं धरना कार्यक्रम 17 फरवरी, 2025 (सोमवार) को होगा। 18 फरवरी को क्षेत्र में सड़क जाम की रणनीति है। आंदोलन के दौरान ही आगामी रूपरेखा तय की जाएगी। किसानों के इस आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन टिकैत, किसान सभा कृषक फेडरेशन उत्तराखंड और अन्य किसान संगठनों के साथ विभिन्न राजनीतिक सामाजिक संस्था का सहयोग मिल रहा है।

उन्होंने बताया, दूधली घाटी क्षेत्र में सिमलास ग्रांट, नागल बुलंदावाला, नागल ज्वालापुर और दूधली ग्राम पंचायत हैं, जिनमें बड़ी संख्या में किसानों की खेती व्यवस्था सुसवा नदी पर निर्भर करती है। हमें क्षेत्र के विकास के लिए बार बार आन्दोलन की जरूरत पड़ रही है।

किसान नेता उमेद बोरा ने बताया, दूधली घाटी देहरादूनी प्रसिद्ध बासमती टाइप 3 का क्षेत्र है, लेकिन सुसवा नदी में जहरीले पानी के चलते बासमती विलुप्त हो गई है।

उनका कहना है, वर्तमान सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दूधली डोईवाला रोड़ चौड़ीकरण की घोषणा की थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब से लच्छीवाला में टोल टैक्स लिया जा रहा है, इस मार्ग पर गाड़ियों की संख्या बढ़ गई। टोल टैक्स से बचने के लिए बड़ी संख्या में भारी वाहन यहां से होकर आ जा रहे हैं। यह सिंगल रोड है, जिसके दोनों ओर घर बने हैं। इससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

आंदोलनकारी ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  • दूधली डोईवाला रोड का चौड़ीकरण
  • दूधली के अस्पताल का 24 घंटे संचालन
  • सुसवा नदी में बाढ़ से सुरक्षा के लिए बड़ोवाला व दूधली में तटबंध
  • जंगली जानवरों से किसानों की फसलों को बचाने के लिए सौर ऊर्जा बाड़
  • क्षेत्र में बसों का संचालन
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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