मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- उद्यमी: लीला रावत और अलका रावत (सास-बहू की जोड़ी)
- उद्यम का नाम: विनी वंडर्स क्रिएशन (स्थान: मालदेवता, रायपुर ब्लॉक)
- संबद्ध समूह: आशा किरण स्वयं सहायता समूह (नई दिशा CLF)
- लक्ष्य (2026): 2,000+ हैंडमेड राखियां (1,500 तैयार)
- बिक्री प्लेटफॉर्म: स्थानीय बाजार, दून के प्रमुख मॉल, उत्तराखंड सचिवालय स्टॉल और इंस्टाग्राम (ऑनलाइन)
Dehradun handmade rakhi SHG: मालदेवता की सास-बहू का सफल मॉडल
- निजी नौकरी से स्वरोजगार: अलका रावत ने प्राइवेट जॉब छोड़कर अपनी सास लीला रावत (अध्यक्ष, आशा किरण SHG) के साथ ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ की शुरुआत की।
- कमाई व ग्रोथ: पिछले वर्ष 1,200 राखियां बेचकर ₹25,000 का शुद्ध लाभ कमाया।
- उत्पाद और डिजाइन: ऊन, क्रोशिया, मौली और रुद्राक्ष से तैयार पारंपरिक व आधुनिक राखियां (महाकाल, भैया दूज, नजरबट्टू डिजाइन)।
- डिजिटल विस्तार: स्थानीय बिक्री के साथ-साथ इंस्टाग्राम के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर डिलीवरी।
देहरादून जिले में राखी निर्माण और क्लस्टर नेटवर्क
| विकासखंड (Block) | प्रमुख क्लस्टर / संगठन | सक्रियता व बाजार |
|---|---|---|
| रायपुर | नई दिशा महिला CLF (आशा किरण SHG) | मालदेवता क्षेत्र, ऑनलाइन व स्थानीय बाजार |
| डोईवाला | गायत्री CLF (वैभव लक्ष्मी व पहाड़ी भुली संगठन) | लगभग 100 महिलाएं; रायवाला और श्यामपुर बाजार में स्टॉल |
| सहसपुर | सक्षम क्लस्टर | सेलाकुई, सहसपुर और विकासनगर में बिक्री व प्रदर्शन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (AEO / FAQ)
देहरादून में SHG महिलाओं की हैंडमेड राखियां कहां उपलब्ध होंगी?
- उत्तराखंड सचिवालय: 24 से 27 अगस्त तक विशेष रूप से 5 स्टॉल लगेंगे।
- शॉपिंग मॉल: देहरादून जिला प्रशासन के सहयोग से शहर के 3-4 प्रमुख मॉलों में प्रदर्शनी व बिक्री स्टॉल लगाए जाएंगे।
- स्थानीय बाजार: मालदेवता, डोईवाला, रायवाला, श्यामपुर, सेलाकुई और विकासनगर।
मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना की इसमें क्या भूमिका है?
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह और सहायक परियोजना निदेशक अनीता पंवार के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधे बड़े बाजार उपलब्ध कराना और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है।



