कांग्रेस में एंट्री मिल भी गई तो चुनाव नहीं लड़ेंगे हरक सिंह !

Rajesh Pandey
फोटो- सोशल मीडिया से लिया है

देहरादून। भाजपा से निष्कासित पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह को अभी तक कांग्रेस में एंट्री नहीं मिली है। संभावना जताई जा रही है कि यदि हरक सिंह कांग्रेस में शामिल हो भी जाते हैं तो उनकी मुंहमांगी मुराद पूरी नहीं होने वाली। हरक सिंह या उनकी पुत्रवधु दोनों में से कोई एक ही कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं, ऐसे में इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि हरक सिंह अपनी पुत्रवधु अनुकृति गुसाई के लिए टिकट मांगेंगे।

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह ने कुछ दिन पहले कहा था, उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार पूर्ण बहुमत से आने वाली है। मैं अब कांग्रेस से बातचीत करूंगा और मैं कांग्रेस में ही जाऊंगा और किसी पार्टी में नहीं जाऊंगा और बिना शामिल हुए भी मैं कांग्रेस के लिए काम करूंगा।

इनके इस वक्तव्य से यह संकेत तो मिलता है कि हरक सिंह कांग्रेस में किसी तरह का हठ करने की स्थिति में नहीं होंगे। जिस तरह तीसरे दिन भी हरक सिंह के लिए कांग्रेस का दरवाजा नहीं खुला है, उससे साफ जाहिर है कि एक समय में उनके लिए कांग्रेस में शामिल होना भले ही आसान टास्क था, पर भाजपा से बर्खास्तगी के बाद उनकी स्थितियों में काफी विपरीत बदलाव आया है।

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इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि हरक सिंह को कांग्रेस में एंट्री मिलती भी है तो टिकट नहीं मिलेगा। हरक सिंह को संगठन के लिए पूरी क्षमता से काम करने को कहा जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि हरक सिंह डोईवाला से चुनाव नहीं लड़ेंगे।

कांग्रेस के हरक सिंह को टिकट नहीं देने की संभावना इस बात से भी पुष्ट होती है, क्योंकि हरक सिंह के निष्कासन के बाद ही कांग्रेस में उनका विरोध शुरू हो गया था। उन सीटों पर ज्यादा विरोध देखा गया, जिन पर हरक सिंह चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे थे। यह विरोध इसलिए भी हो रहा है,क्योंकि वर्षों से अपने-अपने क्षेत्रों में काम कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता और टिकट के दावेदार, नहीं चाहते हैं कि संगठन के लिए काम वो करें और चुनाव के वक्त संगठन किसी और को अवसर उपलब्ध करा दे। पार्टी में विरोध को देखते हुए कांग्रेस चुनाव के वक्त किसी तरह की असहज स्थिति का सामना करने को तैयार नहीं है। कुछ दिन पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय पर संगठन के स्तर से कार्रवाई करके यह संदेश दिया गया था।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी हरक सिंह का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि 2016 में हरक सिंह भी उस बगावत में शामिल थे, जिससे उनकी सरकार संकट में आ गई थी। हरीश रावत का कहना है कि माफी मांगने के बाद ही उनको कांग्रेस में एंट्री मिल सकती है।

हालांकि हरीश रावत ने कुछ माह पहले भी यह कहा था कि माफी मांगने के बाद ही कांग्रेस में एंट्री मिलेगी, तब हरक सिंह रावत ने उनका काफी विरोध किया था। उनके बीच जुबानी जंग मीडिया में सुर्खियां बनी थीं। पर, तीन दिन पहले बदले घटनाक्रम पर हरीश रावत के पुनः इस बयान को दोहराने पर हरक सिंह की प्रतिक्रिया में बहुत नरमी और हरीश रावत के लिए काफी सम्मान दिखा। उनका कहना है कि हरीश रावत बड़े भाई हैं और मैं उनसे सौ-सौ बार माफी मांग सकता हूं, इससे स्पष्ट है कि हरक सिंह अपने प्रति बदलते राजनीतिक परिवेश के अनुसार ही कोई कदम उठाएंगे, भले ही उनको टिकट मिले या नहीं।

 

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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