Dehradun lychee export to Italy: देहरादून से इटली भेजी गई एक मीट्रिक टन ताजी लीची

Rajesh Pandey
Photo- Canva
  • देहरादून से इटली के लिए 1 मीट्रिक टन ताजी लीची की पहली खेप रवाना, यूरोपीय बाजार में दी दस्तक
  • विशिष्ट कृषि-जलवायु परिस्थितियों के कारण रोज़ सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना जैसी प्रीमियम किस्मों का उत्पादन
  • एपीडा, उत्तराखंड सरकार, एफपीओ (FPOs) और लॉजिस्टिक्स भागीदारों के बीच बेहतर समन्वय से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक हुई पहुंच

Dehradun lychee export to Italy: देहरादून, 19 जून, 2026ः वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA – एपीडा) ने शुक्रवार को देहरादून से इटली के लिए ताजी लीची की पहली खेप भेजने में सहयोग किया। यह निर्यात यूरोपीय बाजार में भारत के उच्च गुणवत्ता वाले ताजे फलों को मिल रही बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है।

एक मीट्रिक टन ताजी लीची वाली पहली खेप को इटली निर्यात किया गया, जो उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र की निर्यात क्षमता को प्रदर्शित करता है।

देहरादून की लीची अपनी अनूठी मिठास, आकर्षक लाल रंग, सोंधी सुगंध और बेहतरीन गूदे (पल्प) की गुणवत्ता के लिए व्यापक रूप से जानी जाती है।

Dehradun lychee export to Italy: यह क्षेत्र लीची की रोज सेंटेड (Rose Scented), कलकत्तिया (Calcuttia) और बेदाना (Bedana) जैसी प्रसिद्ध किस्मों के लिए जाना जाता है।

उत्तराखंड की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियां, विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिलों में, इस फल की प्रीमियम गुणवत्ता और बाजार आकर्षण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

Dehradun lychee export to Italy: इस निर्यात पहल के परिणामस्वरूप उत्पादकों की आय में भी सुधार हुआ है, जिससे किसानों को मौजूदा घरेलू बाजार दरों की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त हुआ है। इस विकास से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्रथाओं को व्यापक रूप से अपनाने और निर्यात-उन्मुख बागवानी में अधिक भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इस खेप को एपीडा, उत्तराखंड सरकार, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), लॉजिस्टिक्स भागीदारों और अन्य हितधारकों के समन्वित प्रयासों से सुगम बनाया गया था।

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *