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उत्तराखंड में 15 से 18 वर्ष के किशोरों का कोविड टीकाकरण शुरू

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सनातन धर्म इंटर कॉलेज बन्नू रेस कोर्स, देहरादून में 15 से 18 वर्ष के किशोरों के कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री के सामने कुमारी आरना और कुमारी प्रथा का टीकाकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म इंटर कॉलेज बन्नू रेसकोर्स में रंगाई, पुताई के कार्यों के लिए 25 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक सप्ताह में प्रदेश के 15 से 18 वर्ष के सभी 6.28 लाख किशोरों का टीकाकरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज से पूरे प्रदेश में 15 से 18 वर्ष आयुवर्ग के किशोरों के टीकाकरण की शुरुआत की गई।  इस आयु वर्ग के राज्य में बाहरी प्रदेशों से पढ़ने वाले किशोरों का टीकाकरण भी किया जाएगा।
राज्य में कोविड टीकाकरण की दूसरी डोज का भी 85 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण हो चुका है, इसे जल्द पूर्ण किया जाएगा।
उन्होंने बताया, दस जनवरी से फ्रंटलाइन वर्कर एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के बूस्टर डोज का अभियान भी शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, एएनएम के 800 पदों पर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। नर्सिंग स्टाफ के तीन हजार एवं वार्ड ब्वॉय के एक हजार पदों पर भी जल्द भर्ती की जाएगी।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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