China Human-Like AI Rules: AI से बातचीत में बेहद भावुक हो रहे थे लोग, चीन ने ‘इंसानों जैसे AI’ के लिए उठाया यह कदम

Rajesh Pandey
China's CAC issues new draft rules for human-like AI models to prevent user emotional manipulation and psychological dependency. Gemini_Generated_Image

China Human-Like AI Rules

newslive24x7.com | 27 दिसंबर, 2025 चीन के साइबर नियामक, साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चीन (CAC) ने शनिवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए नए मसौदा नियमों (Draft Rules) की घोषणा की है। ये नियम विशेष रूप से उन ‘मानवरूपी AI’ (Human-like AI) पर नकेल कसने के लिए लाए गए हैं, जो इंसानी व्यक्तित्व की नकल करते हैं और लोगों के साथ भावनात्मक संबंध बनाने में माहिर हैं।

China Human-Like AI Rules: प्रस्तावित नियम चीन में जनता को दी जाने वाली उन सभी AI उत्पादों और सेवाओं पर लागू होंगे, जो कृत्रिम मानवीय व्यक्तित्व, सोचने के तरीके और संचार शैलियों (communication styles) को प्रदर्शित करते हैं। साथ ही, वे नियम उन सिस्टम्स पर भी लागू होंगे जो टेक्स्ट (लेख), इमेज (चित्र), ऑडियो (ध्वनि), वीडियो या अन्य माध्यमों से उपयोगकर्ताओं के साथ भावनात्मक रूप से बातचीत करते हैं।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य तकनीक के कारण होने वाले मनोवैज्ञानिक जोखिमों को कम करना और उपयोगकर्ताओं को AI के प्रति “अस्वास्थ्यकर निर्भरता” (Unhealthy Dependency) से बचाना है।

China Human-Like AI Rules: प्रस्तावित नियमों के अनुसार, AI सेवा प्रदाताओं को अब यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि उनका सिस्टम उपयोगकर्ता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करे। यदि AI को लगता है कि कोई उपयोगकर्ता उस पर बहुत अधिक निर्भर हो रहा है या मानसिक रूप से “लत” का शिकार हो रहा है, तो सिस्टम को तुरंत हस्तक्षेप करना होगा। इसमें बातचीत को सीमित करना या ब्रेक लेने की सलाह देना शामिल हो सकता है।

जब उपयोगकर्ता किसी सेवा में लॉग इन करते हैं, तो उन्हें सूचित किया जाना चाहिए कि वे एआई (AI) के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसके साथ ही हर दो घंटे के अंतराल पर, या जब उपयोगकर्ता में अत्यधिक निर्भरता के लक्षण दिखाई दें, तब भी उन्हें इस बात की जानकारी दी जानी चाहिए।
दस लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं वाले प्लेटफॉर्म्स को अब अपनी सुरक्षा रिपोर्ट प्रांतीय साइबर अधिकारियों को सौंपनी होगी। कंपनियों को अपने एल्गोरिदम की समीक्षा और डेटा सुरक्षा के लिए कड़े मानक अपनाने होंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि AI किसी भी तरह की अफवाहें, हिंसा या राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ सामग्री उत्पन्न न करे।

क्यों पड़ी इन नियमों की जरूरत?

विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में  AI Companions और वर्चुअल पार्टनर्स की लोकप्रियता में भारी वृद्धि हुई है। कई मामलों में यह देखा गया कि लोग वास्तविक सामाजिक रिश्तों को छोड़कर AI के साथ गहरे भावनात्मक संबंध बना रहे हैं, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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