Climate Action Awareness Campaign: जलवायु परिवर्तन से निपटने को एम्पावर सोसाइटी की पहल, जागरूकता अभियान चलाया

Rajesh Pandey

Climate Action Awareness Campaign: देहरादून, 27 दिसंबर,2025ः जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के वैश्विक संकट और इसके स्थानीय स्तर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति समुदायों को जागरूक करने के लिए एम्पावर सोसाइटी, देहरादून ने तीन दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया गया। 25 दिसंबर से 27 दिसंबर तक चले अभियान के तहत तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी के जानकार टीना सरमा और मिहिर टाकले ने देहरादून के कालसी और पौड़ी गढ़वाल के लक्ष्मणझूला व नीलकंठ क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय रिसोर्स पर्सन्स के समूहों के साथ संवाद किया।

विशेषज्ञों का अध्ययन और सुझाव

Climate Action Awareness Campaign: क्लाइमेट एक्शन के विशेषज्ञ टीना सरमा और मिहिर टाकले ने इन तीन दिनों के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों के पर्यावरण में आ रहे बदलावों का अध्ययन किया और रिसोर्स पर्सन्स को जागरूक किया।

  • क्लाइमेट अवेयरनेस कैंपेन: विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार तापमान में वृद्धि और अनिश्चित बारिश खेती और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा रही है।

  • कम्युनिटी आउटरीच: समुदायों से इस लड़ाई में भागीदार बनाने के लिए संवाद किया गया, ताकि वे अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत कर सकें।

  • संस्थागत वार्ता: एम्पावर सोसाइटी से जुड़े ‘रिसोर्स पर्सन्स’ के समूहों के साथ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें विशेषज्ञों ने भविष्य की रणनीति और जलवायु अनुकूलन (Climate Adaptation) पर महत्वपूर्ण सलाह दी।

Climate Action Awareness Campaign: एम्पावर सोसाइटी की सचिव मोनादीपा सरमा ने अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस विजिट का मुख्य उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि धरातल पर बदलाव लाना है। उन्होंने कहा: “टीना सरमा और मिहिर टाकले की उपस्थिति ने हमारे रिसोर्स पर्सन्स को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने में मदद की है। सामुदायिक स्तर पर जागरूकता ही आने वाले समय में पर्यावरणीय आपदाओं के प्रभाव को कम करने का एकमात्र रास्ता है।

भ्रमण के दौरान विशेषज्ञों ने सलाह दी कि स्थानीय स्तर पर जल स्रोतों के संरक्षण और पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक के समन्वय से जलवायु संकट का सामना किया जा सकता है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर विशेषज्ञों ने समुदायों को सतत विकास (Sustainable Development) के लिए प्रेरित किया।

 

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *