FeaturedNational

जनरल बिपिन रावत नहीं रहे, हेलीकॉप्टर हादसे में 13 लोगों की मृत्यु

भारतीय वायुसेना ने तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन की पुष्टि की है। हादसे में उनकी पत्नी मधुलिका रावत की भी मृत्यु हुई है।
तमिलनाडु के कुन्नूर में आज बुधवार को उनका हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ था। इस हेलीकॉप्टर में जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 14 लोग सवार थे।
वायुसेना ने ट्वीट किया कि हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 सैन्यकर्मियों की मृत्यु हो गई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सीडीएस बिपिन रावत के निधन पर शोक जताया। उन्होंने ट्वीट किया- तमिलनाडु में आज हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस रावत और उनकी पत्नी व 11 अन्य अधिकारियों के निधन से बेहद दुखी हूं। उनका असमय निधन देश और हमारी आर्म्ड फोर्सेस के लिए अपूरणनीय क्षति है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनरल बिपिन रावत के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया- जनरल बिपिन रावत जी एक निष्ठावान और राष्ट्र के लिए सदैव समर्पित रहने वाले सैन्य अधिकारी थे। देश के पहले Chief of Defence Staff के रूप में उन्होंने अभूतपूर्व कार्य किए। उनका आकस्मिक निधन भारत और विशेष रूप से उत्तराखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

newslive24x7

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button