केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आईबीसीए शिखर सम्मेलन 2026 की वेबसाइट एवं लोगो का शुभारंभ किया
IBCA Summit 2026:नई दिल्ली, 07 मई, 2026ः नई दिल्ली में एक और दो जून को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में सम्मेलन के लिए वेबसाइट एवं लोगो का शुभारंभ किया। उन्होंने शिखर सम्मेलन पर एक प्रचार फिल्म भी जारी की।
IBCA Summit 2026: आईबीसीए एक अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन जिसका मुख्यालय भारत में है, जिसकी स्थापना सात बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के लिए की गई है, जिनमें शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा शामिल हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री यादव ने जानकारी दी कि भारत 01 जून 2026 को नई दिल्ली में पहला आईबीसीए शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसमें सदस्य एवं पर्यवेक्षक देशों के राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों की भागीदारी का अनुमान है।
यह शिखर सम्मेलन, ‘बड़ी बिल्लियों को बचाएं, मानवता को बचाएं, पारिस्थितिकी तंत्र को बचाएं’ विषय के अंतर्गत, पूरी दुनिया से 400 से अधिक संरक्षणवादी, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, बहुपक्षीय एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, कॉर्पोरेट नेता और समुदाय के प्रतिनिधियों को एकत्रित करेगा।
उन्होंने प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता और शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता संरक्षण की पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने साबित किया है कि संरक्षण एवं विकास साथ-साथ चल सकते हैं, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है, आजीविका में सुधार होता है, लचीलापन बढ़ता है और जलवायु संबंधी चुनौतियों का समाधान होता है।
IBCA Summit 2026: उन्होंने कहा कि भारत के अनुभव एवं वैश्विक जिम्मेदारी की गहन भावना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को 2023 में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट अलायंस (आईबीसीए) की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आईबीसीए को अपनी तरह का पहला मंच बताया जो सात बड़ी बिल्लियों की प्रजाति वाले देशों को एक साथ लाता है, जो भारत के इस विश्वास को दर्शाता है कि संरक्षण चुनौतियों का समाधान सहयोग, ज्ञान साझाकरण एवं पारस्परिक समर्थन के माध्यम से सामूहिक रूप से किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री यादव ने जानकारी दी कि शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख परिणाम बड़ी बिल्लियों के संरक्षण पर ‘दिल्ली घोषणा’ नामक पहली वैश्विक संकल्प की स्वीकृति होगी, जो साझा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगी, सीमा पार सहयोग को मजबूत करेगी और बड़ी बिल्लियों एवं उनके आवासों के संरक्षण के लिए परिदृश्य-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देगी। शिखर सम्मेलन के बाद 01-02 जून 2026 को तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, संरक्षण अभ्यासियों, विशेषज्ञों और 95 बड़ी बिल्ली क्षेत्रीय देशों के साझेदार संगठनों की भागीदारी होगी।
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रमुख संस्थानों एवं भागीदारों के सहयोग से एक सुनियोजित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें जनजातिय कला, बड़ी बिल्लियों पर चित्रकारी, आकर्षक तस्वीरें, फिल्में, वर्चुअल रियलिटी अनुभव और बड़ी बिल्लियों एवं जैव विविधता संरक्षण में भारत की सर्वोत्तम प्रथाओं एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।- साभार- पीआईबी




