एक पौधे के जरिए एशिया में अब तक आर्थराइटिस का ट्रीटमेंट किया जाता था लेकिन अब इस पौधें में एचआईवी का इलाज करने की क्षमता पाई गई है।वैज्ञानिकों ने इस औषधीय पौधे में एक ऐसा एचआईवी-रोधी यौगिक पाया है जो एचआईवी का इलाज आसानी से कर सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस पौधे में एचआईवी एड्स का इलाज करने वाली दवा एजिडोथिमाइडीन `एटीजेड’ से भी अधिक शव्तिशाली गुण है। इस पौधे का नाम पादप जस्टीसिया है। इस पौधे से निकलने वाले यौगिक पेटेंटीफ्लोरीन ए में एचआईवी वायरस को नष्ट करने के गुण हैं। अमेरिका के शिकागो में यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस के प्रोफेसर डोएल सोएजार्टो ने लगभग 10 साल पहले वियतनाम के हनोई में सीयूसी फुआंग नेशनल पार्प में पौधे की पत्तियों, तनों और जड़ों से अर्प निकाला था। शोधकर्ताओं ने एचआईवी, टीबी, मलेरिया और कैंसर के विरूद्ध नई दवाओं की खोज करने के अपने प्रयासों के तहत हजारों अन्य पौधों के अर्प का विश्लेषण किया था।
एशियाई पौधे से होगा एचआईवी का इलाज

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140
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