उत्तराखंडः श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के नाम जुड़ी एक और उपलब्धि

Rajesh Pandey

श्रीनगर/देहरादून।  न्यूज लाइव ब्यूरो

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के नाम पर एक और उपलब्धि जुड़ गई है। मेडिकल कॉलेज के 50 से अधिक एमबीबीएस पासआउट चिकित्सकों का प्रथम नीट पीजी काउंसिलिंग के बाद देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में पीजी कोर्स के लिए चयन हुआ है।

चयनित चिकित्सकों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चयनित चिकित्सकों व मेडिकल कॉलेज प्रशासन को शुभकामनाएं दी हैं।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 50 से अधिक एमबीबीएस पासआउट चिकित्सक प्रथम नीट पीजी काउंसिलिंग में देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों के लिए चयनित हुए हैं। ये चिकित्सक एमडी, एमएस व डीएनबी में पीजी कोर्स करेंगे।

प्रथम नीट पीजी काउंसिलिंग में वर्ष 2014 बैच की डॉ. दीक्षा तोमर, वर्ष 2015 बैच की डॉ. नेहा वर्मा, डॉ. मीनाक्षी टम्टा, डॉ. शिशिर जोशी का चयन पीजी कोर्स के लिए हुआ है।

वर्ष 2016 बैच से डॉ. मानसी भट्ट, डॉ. रजत कुमार, डॉ. रवि, डॉ. शिवम, डॉ. आशीष शाह, डॉ. स्वेता शाह, डॉ. विवेक वर्मा तथा वर्ष 2017 बैच से डॉ. कर्तिका तिवारी, डॉ. कनिका कुकरेती के साथ-साथ डॉ. सौरभ जोशी व डॉ. सागर जोशी के अतिरिक्त 2014 से 2017 बैच के अन्य कई चिकित्सकों का चयन देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्स के लिए हुआ है।

चयनित चिकित्सक महाराष्ट्र, यूपी, एमपी, हरियाणा, नई दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, बंगाल और कर्नाटक जैसे राज्यों में अपनी पढ़ाई के साथ सेवाएं भी देंगे।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि एमबीबीएस चिकित्सकों की इस सफलता ने संस्थान को गौरवान्वित किया है और यह साबित भी किया है कि सुदूर पर्वतीय क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *