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लद्दाख में साढ़े दस हजार साल पुरानी कैंपिंग साइट

समुद्र की सतह से करीब 14 हजार फीट ऊंचाई पर करीब साढ़े दस हजार साल पुरानी एेसी कैंपिंग साइट की खोज हुई है, जहां इंसान मौजूद थे। ladakh1आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने लद्दाख में करीब 8500 ईसा पूर्व की इस कैंपिंग साइट को तलाश किया है। बताया जा रहा है कि यह साइट ला से लद्दाख के रास्ते में खोजी गई है। नुब्रा वैली में

2015-16 में एएसआई को एक ब्लॉक में जली हुई कुछ चीजें मिली थीं। पता चला कि यहां सड़क बनाने के लिए काम चल रहा था। एएसआई ने साइट से कुछ जली हुई चीजों को यह पता लगाने के लिए फ्लोरिडा की बीटा लैब को भेजा कि ये कितने साल पुरानी हैं। इस जांच को रेडियोकॉर्बन टेस्ट कहते हैं।  टेस्ट में पता चला कि यह चारकोल करीब 8500 ईसा पूर्व (BC) का है। जांच के लिए एएसआई अफसरों की टीम को साइट पर भेजेगी। इस खोज से उत्साहित एएसआई खोज तो जारी रखेगी, लेकिन यह काम आसान नहीं है, क्योंकि जहां जांच जारी रहेगी, वहां ऑक्सीजन की कमी रहती है।
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लद्दाख, आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, रेडियोकॉर्बन टेस्ट,  कैंपिंग साइट, इंसान

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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