Uttarakhand Budget 2026-27: मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया लगभग 1.12 लाख करोड़ का बजट, ‘GYAN’ मॉडल से होगा विकास
Uttarakhand Budget 2026-27: गैरसैंण, 09 मार्च, 2026ः उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ के इस बजट में विकास की गति को बढ़ाने पर जोर दिया गया। वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि ” प्रदेश सरकार का संकल्प GYAN मॉडल के माध्यम से राज्य के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार प्रमुख स्तंभ के रूप में रखा गया है।”
“GYAN” Model
| स्तंभ (Pillar) | मुख्य क्षेत्र (Focus Area) | प्रमुख योजनाएं (Key Schemes) |
| G – गरीब | गरीब कल्याण | अन्नपूर्ति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), रसोई गैस अनुदान। |
| Y – युवा | युवा सशक्तिकरण | मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा भविष्य निर्माण योजना, ग्रामीण कौशल योजना। |
| A – अन्नदाता | किसान समृद्धि | मिशन एप्पल, मिलेट मिशन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, किसान पेंशन। |
| N – नारी | नारी शक्ति | नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना। |
Uttarakhand Budget 2026-27: सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दृष्टि से बजट में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
गरीब वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है।
अन्नपूर्ति योजना के लिए ₹1300 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए ₹298.35 करोड़ और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए ₹56.12 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आवास के लिए ₹25 करोड़, परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों को निःशुल्क यात्रा सुविधा के लिए ₹42 करोड़ तथा रसोई गैस पर अनुदान के लिए ₹43.03 करोड़ रखे गए हैं।

साथ ही, दिव्यांग, तीलू रौतेली और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए ₹167.05 करोड़ तथा आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी कई योजनाओं को मजबूती दी गई है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए ₹60 करोड़, पलायन रोकथाम योजना के लिए ₹10 करोड़ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए ₹62.29 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता के लिए ₹155.38 करोड़, शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए ₹10 करोड़ तथा मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए ₹10 करोड़ निर्धारित किए गए है।
किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कई योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए ₹39.90 करोड़, मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़, दुग्ध उत्पादकों के प्रोत्साहन के लिए ₹32 करोड़ तथा दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए ₹42.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए ₹160.13 करोड़, मिलेट मिशन के लिए ₹12 करोड़ तथा किसान पेंशन योजना के लिए ₹12.06 करोड़ भी निर्धारित किए गए हैं।

महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं।
नंदा गौरा योजना के लिए ₹220 करोड़, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए ₹47.78 करोड़ और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना, महिला पोषण योजना, आंचल अमृत योजना और स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण जैसी योजनाओं के लिए भी बजट रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ज्ञान मॉडल के माध्यम से गरीबों के उत्थान, युवाओं के सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि और महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी तथा उत्तराखण्ड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।”- Uttarakhand DIPR







