
Ayushman Yojana Uttarakhand: 17 लाख से अधिक मरीजों का इलाज, अब तक ₹3300 करोड़ खर्च
Ayushman Yojana Uttarakhand: देहरादून, 05 मार्च 2026: उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे अब तक लाखों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।
Ayushman Yojana Uttarakhand: आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इस पर राज्य सरकार ने कुल 3300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय की है। राज्य में वर्तमान में इस योजना के तहत लगभग 57 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
Ayushman Yojana Uttarakhand: किस जिले में कितने रोगियों को मिला लाभ
| जनपद | लाभार्थियों की संख्या | जनपद | लाभार्थियों की संख्या |
| देहरादून | 4,18,295 | पिथौरागढ़ | 58,786 |
| हरिद्वार | 3,21,509 | अल्मोड़ा | 57,862 |
| ऊधमसिंह नगर | 2,81,995 | उत्तरकाशी | 55,882 |
| नैनीताल | 1,59,242 | रूद्रप्रयाग | 39,989 |
| पौड़ी | 1,30,701 | चम्पावत | 33,274 |
| टिहरी | 99,191 | बागेश्वर | 25,133 |
| चमोली | 66,005 |
बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदना’ बनी वरदान
70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत उत्तराखंड में अब तक 25 हजार से अधिक कार्ड बनाए गए हैं। लगभग 11,000 बुजुर्गों ने इस योजना के माध्यम से मुफ्त उपचार का लाभ उठाया है, जिस पर सरकार ने 30 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
| योजना का नाम | कुल लाभार्थी (इलाज कराया) | कुल जारी कार्ड | कुल खर्च (करोड़ में) |
| आयुष्मान योजना | 17 लाख+ | 57 लाख | ₹3300+ |
| राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (SGHS) | 4 लाख+ | 5 लाख+ | ₹641 |
| वय वंदना योजना (70+ आयु) | 11,000 | 25,000 | ₹30+ |
सरकारी कर्मियों के लिए कैशलेस सुविधा
राज्य एवं स्वायत्तशासी निकायों के कार्मिकों और पेंशनरों के लिए संचालित राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (SGHS) के तहत 4 लाख से अधिक लोगों ने कैशलेस उपचार प्राप्त किया है।
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IPD (भर्ती): 1.73 लाख लाभार्थी
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OPD (बाह्य रोगी): 2.31 लाख लाभार्थी
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सरकार ने इस मद में अब तक 641 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
सड़क दुर्घटना में घायलों को राहत
एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए डॉ. रावत ने कहा कि आयुष्मान योजना के सूचीबद्ध अस्पतालों में अब सड़क दुर्घटना में घायल लोगों का भी निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से दुर्घटना पीड़ितों को 1.50 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा दी जा रही है, जो आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षक साबित हो रही है।







