प्रख्यात पर्यावरणविद् सुन्दर लाल बहुगुणा का निधन

Rajesh Pandey
फाइल फोटो। फोटो साभार- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का ट्वीटर एकाउंट
महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण सुंदरलाल बहुगुणा जी का शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एम्स, ऋषिकेश में निधन हो गया। करीब 94 वर्षीय बहुगुणा जी, कुछ दिन से एम्स में भर्ती थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा, “श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी का निधन हमारे देश के लिए एक चिरस्मरणीय क्षति है। उन्होंने प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने के हमारे सदियों पुराने लोकाचार को सामने लाने का काम किया।

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महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण सुंदरलाल बहुगुणा जी का शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एम्स, ऋषिकेश में निधन हो गया। करीब 94 वर्षीय बहुगुणा जी, कुछ दिन से एम्स में भर्ती थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा, “श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी का निधन हमारे देश के लिए एक चिरस्मरणीय क्षति है। उन्होंने प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने के हमारे सदियों पुराने लोकाचार को सामने लाने का काम किया।उनकी सादगी और करुणा की भावना को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मेरे विचार उनके परिवार और कई प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्री बहुगुणा के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि चिपको आंदोलन के प्रणेता, विश्व में वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के निधन का अत्यंत पीड़ादायक समाचार मिला।यह खबर सुनकर मन बेहद व्यथित हैं। यह सिर्फ उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनकी सादगी और करुणा की भावना को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मेरे विचार उनके परिवार और कई प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्री बहुगुणा के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि चिपको आंदोलन के प्रणेता, विश्व में वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के निधन का अत्यंत पीड़ादायक समाचार मिला।

यह खबर सुनकर मन बेहद व्यथित हैं। यह सिर्फ उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण देश के लिए अपूरणीय क्षति है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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