तुम छू लेना आसमां…..

Rajesh Pandey

सोच पा रही हूँ सखी

अनिता मैठाणी

क्या सोचती हो तुम

सोचते हुए अतल गहराइयों तक चली जाती हो।

क्यूं-क्या हुआ ऐसा, पूछती हो उससे।

कुछ दिया नहीं ऐसा!

 

पर तुमने भी – तो उससे कभी कोई

शिकायत नहीं की, जिरह नहीं की,

शायद इसीलिए तुम्हारी और परीक्षा

का एक दौर शुरू हुआ है।

 

कमजोर नहीं पड़ना, हिम्मत नहीं हारना,

ना ही हारने देना

लड़ना है वक्त, साथ हैं लड़खड़ाते कदम

हिम्मत नहीं हारना।

जीवट रही हो तुम हरदम

लड़खड़ाना मत,

हौसलों की उड़ान साथ लिए

तुम दौड़ पड़ना फिर से

उन पहाड़ के शिखरों तक,

जिनको गुरूर है कि, तुम छू नहीं सकती

उनके नील गगन को छूते मस्तक ।

 

कमजोर नहीं पड़ना, हिम्मत नहीं हारना।

सबको साथ ले लेना,

अकेले में जी घबराये तो।

डरना नहीं,

आवाज देना अपनों को!

क्या मिला ये मत सोचना!

जो है सब अच्छा है,

जो होगा सब अच्छा होगा।

 

इसी सोच के साथ रोज जगना;

जगाते रहना जीने की चाह,

फिर आयेंगे चाह के परिणाम

नई ऊर्जा भरी स्फूर्ति के रूप में

बस जगाते रहना जीने की चाह।

  • अनिता मैठाणी
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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