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सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए हल्द्वानी में बनेगा छात्रावास

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शौर्य दिवस पर गांधी पार्क, देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तराखंड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगना एवं वेटरन को अब प्रतिमाह पेंशन  8 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये दी जाएगी। इसका फायदा लगभग 800 परिवारों को मिलेगा।

एनडीए, सीडीएस एवं उसके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

जल्द ही सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए हल्द्वानी में छात्रावास बनाया जाएगा। वीर नारियों एवं वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। एक सितंबर से प्रदेश में सैन्य सम्मान यात्रा शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने इसके बाद कारगिल शहीद नागा रेजीमेंट के नायक स्व. श्री देवेन्द्र सिंह रावत के कौलागढ़ स्थित आवास जाकर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक हरवंश कपूर, खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

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Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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