देहरादून के इन किसानों ने दिखाई रोजगार की राह

Rajesh Pandey

न्यूज लाइव ब्लॉग

सुरेंद्र सिंह बोरा, सिमलास ग्रांट में लगभग दस साल से मुर्गी पालन के साथ मछलियां भी पाल रहे हैं। सिमलास ग्रांट देहरादून जिले के डोईवाला ब्लाक का खेतीबाड़ी से समृद्ध गांव है। असम राइफल्स में सेवाएं दे चुके सुरेंद्र सिंह कहते हैं, कम जमीन में इस तरह की समन्वित खेती लाभ का सौदा है। वैसे तो, रिस्क किस व्यवसाय में नहीं है, नुकसान हमने भी झेला, पर कुल मिलाकर हम फायदे में हैं। हम परम्परागत खेती, जैसे गन्ना, धान, गेहूं भी उगाते हैं, पॉल्ट्री से निकलने वाला वेस्ट और मछलियों के तालाब का पानी खेती में खाद का काम करता है। यह आर्गेनिक खाद है और पास में ही सब्जियां, फलदार पौधे भी इस खाद से उगा रहे हैं।

इंटीग्रेटेड फार्मिंगः सिमलास ग्रांट में आकर देखिए स्वरोजगार की राह

बातें स्वरोजगार कींः बाड़ाकोटी जी से जानिए, गायों को पालने का सही तरीका

बहादुर सिंह बोरा मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (एमईएस) में सेवाएं प्रदान कर चुके हैं और अब सेवानिवृत्ति के बाद एकीकृत खेती कर रहे हैं। पोल्ट्री फॉर्म और मछली पालन साथ-साथ करते हैं। ट्यूबवेल के पानी से मछली तालाब भरते हैं और इसमें ऑक्सीजन के लेवल को लेकर काफी सतर्क रहते हैं। कहते हैं, सबसे पहला काम तालाब में ऑक्सीजन का लेवल चेक करना होता है। उन्होंने हाल ही में मत्स्य पालन विभाग से मिली सब्सिडी पर एरोटर (Aerator) मशीन खरीदी है। बताते हैं, यह तालाब में ऑक्सीजन बढ़ाने के साथ ही, मछलियों की ग्रोथ में भी सहायक है।

आइए इस वीडियो में जानते हैं, बहुत सारी जानकारियां, जो एकीकृत खेती में बड़ी काम आने वाली हैं…

 

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *