
Reduce sodium intake: newslivedesk, 27 January,2026: हम अक्सर चीनी और तेल-घी को सेहत का दुश्मन मानते हैं, लेकिन हमारी रसोई में एक ऐसी चीज़ है जो खामोशी से हमें बीमार कर रही है, और वह है नमक। आज के दौर में हम जो पैकेट बंद खाना और बाहर का नाश्ता कर रहे हैं, उसमें नमक की मात्रा इतनी ज़्यादा है कि हमारा शरीर उसे झेल नहीं पा रहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट बताती है कि कैसे सिर्फ नमक कम करके हम लाखों लोगों की जान बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कि यह छोटा सा दिखने वाला मसाला हमारे दिल के लिए कितना बड़ा खतरा है।
Reduce sodium intake: दुनिया भर में खराब खान-पान सेहत के लिए एक बहुत बड़ी मुसीबत बन गया है। आज जरूरत इस बात की है कि हम उन चीजों को बनाना और खाना कम करें जो सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं, खासकर कारखानों में बनने वाला (प्रोसेस्ड) खाना। सबसे ज़्यादा चिंता की बात यह है कि हम नमक (सोडियम), चीनी और खराब फैट बहुत ज्यादा खा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, हम दालें, अनाज, ताज़ी सब्ज़ियाँ और फल बहुत कम खा रहे हैं। अमीर देशों के साथ-साथ अब गरीब और मध्यम आय वाले देशों में भी लोग पैकेट बंद खाने के जरिए जरूरत से ज्यादा नमक खा रहे हैं।
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हर साल करीब 19 लाख लोगों की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि वे जरूरत से ज़्यादा नमक खाते हैं। ज्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे दिल की बीमारियां और स्ट्रोक का खतरा रहता है।
ये भी जानिए (Reduce sodium intake)
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हम सब बहुत ज़्यादा नमक खा रहे हैं: दुनिया भर में लगभग हर कोई ज़रूरत से ज़्यादा नमक का सेवन कर रहा है।
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ज़रूरत से दोगुना नमक: औसतन एक वयस्क व्यक्ति दिन भर में लगभग 10.8 ग्राम नमक (करीब 4310 मिलीग्राम सोडियम) खा लेता है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सलाह से दोगुने से भी ज़्यादा है। WHO कहता है कि हमें दिन भर में 5 ग्राम से कम नमक (यानी सिर्फ एक छोटा चम्मच) ही खाना चाहिए।
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सेहत पर बुरा असर: ज़्यादा नमक यानी सोडियम के सेवन का सबसे बड़ा नुकसान हाई ब्लड प्रेशर है। इसके अलावा, इससे दिल की बीमारियाँ, पेट का कैंसर, मोटापा, हड्डियों की कमज़ोरी (ऑस्टियोपोरोसिस), कान की बीमारी (Meniere’s disease) और किडनी की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
- बचत का सौदा: नमक कम करना सेहत सुधारने का सबसे सस्ता तरीका है। अगर सरकारें नमक कम करने के अभियान पर 1 रुपया खर्च करती हैं, तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में कम से कम 12 रुपये की बचत होती है (क्योंकि लोग कम बीमार पड़ेंगे)।
सोडियम कम करने के लिए सुझाव
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वयस्कों के लिए: WHO की सलाह है कि एक वयस्क व्यक्ति को दिन भर में 2000 मिलीग्राम से कम सोडियम लेना चाहिए। इसका मतलब है कि पूरे दिन में 5 ग्राम से भी कम नमक (यानी लगभग एक छोटे चम्मच से थोड़ा कम)।
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बच्चों के लिए (2 से 15 साल): बच्चों के लिए नमक की मात्रा वयस्कों के मुकाबले और भी कम होनी चाहिए। यह उनकी शारीरिक ऊर्जा की ज़रूरत (energy requirements) के आधार पर तय की जाती है।
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नोट: यह सलाह 0-6 महीने के बच्चों (जो केवल स्तनपान करते हैं) और 6-24 महीने के बच्चों के लिए नहीं है।
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नमक का बेहतर विकल्प: यदि आप खाने में नमक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो WHO का सुझाव है कि साधारण नमक की जगह ‘पोटेशियम वाले लो-सोडियम नमक’ (lower-sodium salt substitutes) का उपयोग करें। यह सेहत के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
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आयोडीन युक्त नमक (Iodized Salt): आप जो भी नमक खाएं, वह आयोडीन युक्त होना चाहिए। आयोडीन गर्भ में पल रहे बच्चे और छोटे बच्चों के दिमागी विकास के लिए बहुत ज़रूरी है। यह हर उम्र के व्यक्ति की मानसिक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
सोडियम क्या है?
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शरीर के लिए जरूरी: सोडियम हमारे शरीर के लिए एक ज़रूरी पोषक तत्व है। यह खून की मात्रा (प्लाज्मा) को सही रखने, शरीर में एसिड का संतुलन बनाए रखने, नसों के संकेतों को दिमाग तक पहुंचाने और कोशिकाओं (cells) के ठीक से काम करने में मदद करता है।
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कमी होना बहुत मुश्किल: एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सोडियम की कमी होना बहुत ही दुर्लभ है (यानी ऐसा लगभग न के बराबर होता है)।
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ज़्यादा मात्रा नुकसानदायक: अगर सोडियम ज़रूरत से ज़्यादा हो जाए, तो यह सेहत को नुकसान पहुंचाता है, जैसे कि ब्लड प्रेशर का बढ़ जाना।
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कहां से आता है सोडियम: हम कितना सोडियम खाते हैं, यह हमारे खान-पान की आदतों और हमारी संस्कृति पर निर्भर करता है।
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नमक और अन्य स्रोत: साधारण नमक (Table Salt) में मुख्य रूप से सोडियम और क्लोराइड होते हैं। लेकिन सोडियम सिर्फ नमक में ही नहीं, बल्कि दूध, मांस और समुद्री जीवों (shellfish) जैसे कई खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से भी पाया जाता है।
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प्रोसेस्ड फूड में भरमार: ब्रेड, प्रोसेस्ड मीट, स्नैक्स और अलग-अलग तरह की सॉस (जैसे सोया सॉस या फिश सॉस) में बहुत भारी मात्रा में सोडियम होता है।
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सोडियम ग्लूटामेट : सोडियम ‘सोडियम ग्लूटामेट’ में भी होता है, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए (Additive के रूप में) इस्तेमाल किया जाता है।
आप अपने आहार में नमक (सोडियम) कैसे कम कर सकते हैं?
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ताज़ा खाना खाएं: ज़्यादातर ताज़ा और कम से कम प्रोसेस्ड (डिब्बा बंद) खाना खाएं।
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टेबल से नमक हटा दें: खाने की मेज से नमक की डिबिया या साल्टशेकर हटा दें, ताकि ऊपर से नमक डालने की आदत छूटे।
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खाना पकाते समय सावधानी: खाना बनाते समय बहुत कम नमक डालें या हो सके तो बिना नमक के पकाएं।
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मसालों का जादू: खाने में स्वाद के लिए नमक के बजाय जड़ी-बूटियों (herbs) और मसालों का इस्तेमाल करें।
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नमक का विकल्प: साधारण नमक की जगह कम सोडियम वाले ‘साल्ट सब्स्टीट्यूट’ का उपयोग करें, जिनमें पोटेशियम होता है (लेकिन इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें)।
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सॉस और पैकेट बंद चीज़ों से दूरी: बाज़ार में मिलने वाली सॉस, ड्रेसिंग और इंस्टेंट नूडल्स या सूप जैसी चीज़ों का इस्तेमाल कम करें।
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प्रोसेस्ड फूड से बचें: चिप्स, नमकीन और प्रोसेस्ड मीट जैसी चीज़ों का सेवन सीमित करें।
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लेबल ज़रूर पढ़ें: बाज़ार से सामान खरीदते समय ‘लो-सोडियम’ (कम नमक वाले) उत्पादों को ही चुनें।
नमक और सोडियम का हिसाब-किताब (कन्वर्टर)
अक्सर लोग सोडियम और नमक को एक ही समझते हैं, लेकिन पैकेट पर लिखे ‘सोडियम’ को नमक में बदलने का यह सरल तरीका है:
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1 ग्राम नमक = 400 मिलीग्राम (mg) सोडियम
5 ग्राम नमक (1 चम्मच) = 2000 मिलीग्राम (mg) सोडियम
काम की बात: अगर आप किसी पैकेट पर 2000 मिलीग्राम सोडियम लिखा देखते हैं, तो समझ जाइए कि वह आपके पूरे दिन भर की नमक की ज़रूरत (5 ग्राम) के बराबर है।
- अधिक जानकारी के लिएः डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट
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