विभागीय अधिकारियों को दिए नई नियमावली कैबिनेट में लाने के निर्देश
Provincialization of Non-Government Schools in Uttarakhand: देहरादून, 29 मई 2026ः प्रदेशभर में संचालित राजकीय सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण को नई नीति बनाई जाएगी। इस संबंध में विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर एक माह के भीतर कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नई नियमावली लागू होने के बाद उन अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण का मार्ग प्रशस्त होगा, जिनकी प्रबंधन समितियों द्वारा शासन को विद्यालयों के राजकीयकरण के प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाएंगे।
Provincialization of Non-Government Schools in Uttarakhand: उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद देहरादून के सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राजकीय सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण से जुड़े सभी पहलुओं का गहन अध्ययन कर नई नियमावली का प्रारूप शीघ्र तैयार कर कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण के पक्ष में है, लेकिन कुछ अशासकीय विद्यालयों के कार्मिकों द्वारा प्रांतीयकरण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई, जिस कारण राजकीय एवं आशसकीय विद्यालयों के कार्मिकों के बीच वरिष्ठता को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। साथ ही, प्रांतीयकरण के उपरांत शासकीय व्ययभार बढ़ने की पूरी सम्भावना है। इसके चलते प्रस्तावित विद्यालयों के प्रांतीयकरण की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। ऐसे में पारदर्शी एवं व्यावहारिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नई नियमावली बनाया जाना आवश्यक हो गया है।
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उन्होंने कहा, प्रस्तावित नियमावली में विद्यालय की भूमि की उपलब्धता एवं स्वामित्व, छात्र संख्या, कार्मिकों की वरिष्ठता, पदों की आवश्यकता तथा सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय व्ययभार सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
Provincialization of Non-Government Schools in Uttarakhand:बैठक में जनता इंटर कॉलेज चैखाल, पौड़ी की प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी विद्यालय के प्रांतीयकरण को लेकर अपना पक्ष रखा, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रांतीयकरण का लाभ पाने वाले कुछ विद्यालयों के कार्मिक वरिष्ठता व एसीपी के लाभ को लेकर न्यायालय की शरण में चले गए थे, जिसके चलते वरिष्ठता को लेकर नये विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
विभागीय सचिव रविनाथ रमन ने जानकारी दी कि वर्तमान में निदेशालय स्तर पर परीक्षण के उपरांत एक दर्जन अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण संबंधी प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि नई नियमावली अधिसूचित होने के बाद ही इन विद्यालयों के प्रांतीयकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा मुकुल सती, प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा के.एस. रावत, वित्त अधिकारी विरेन्द्र कुमार सहित विभिन्न अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधन समिति के पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।




