Uttarakhand glacier monitoring: यूकॉस्ट के डीजी प्रो. दुर्गेश पंत से धराली के ऊपर ग्लेशियर लेक की रिपोर्ट मांगी

Rajesh Pandey

Uttarakhand glacier monitoring: देहरादून, 11 अगस्त, 2025ः मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत को निर्देश दिए हैं कि उत्तरकाशी के धराली और अन्य अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियरों और ग्लेशियर झीलों का तत्काल विश्लेषण करें। उन्होंने कहा कि इन ग्लेशियरों के पिघलने से बनने वाली झीलों और उनसे पैदा होने वाले संभावित खतरों का तुरंत आकलन कर रिपोर्ट सौंपी जाए।

Uttarakhand glacier monitoring

संभावित खतरों को रोकने के लिए प्राथमिकता पर कार्रवाई

मुख्य सचिव ने धराली और ऋषिगंगा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। इसका मकसद भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकना है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे राज्य के उन ऊँचाई वाले क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहाँ किसी झील के बनने या उसके विस्तार की आशंका है।

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यू-सैक को नोडल एजेंसी नामित किया गया

इस प्रकार के विश्लेषण को लगातार जारी रखने के लिए उत्तराखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (U-SAC) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि इस प्रक्रिया को निरंतर चलाने के लिए यू-सैक को और मजबूत करना जरूरी है।

इसरो से सहयोग की जिम्मेदारी भी यू-सैक को

मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC), इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट (IRSS) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जैसे संस्थानों से हर प्रकार की मदद और तालमेल के लिए भी यू-सैक ही नोडल एजेंसी होगी।

झीलों की निगरानी के लिए सेंसर लगाने में तेजी

इसके अलावा, मुख्य सचिव ने अधिक ऊंचाई पर स्थित झीलों की निगरानी (Uttarakhand glacier monitoring)के लिए सेंसर लगाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (NIH) से भी मदद ली जाए।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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