लघु कहानीः शुरुआत और अंत

Rajesh Pandey
Short stories

हॉस्टल में रहने वाले एक छात्र ने अपने शिक्षक का कीमती फूलदान तोड़ दिया। हालांकि उसने ऐसा जानबूझकर नहीं किया था। चलते हुए अचानक हाथ लगने से फूलदान फर्श पर गिरकर टूट गया था। तभी उसने शिक्षक के कदमों की आवाज सुनी तो वह घबरा गया। उसने जल्दी जल्दी फूलदान के टुकड़ों को वहीं छिपा दिया।

शिक्षक को अपने पास देख, छात्र ने पूछा- सर, मृत्यु क्या है। कोई क्यों मरता है। शिक्षक ने कहा, बेटा- यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। जो जन्म लेता है, उसकी मृत्यु भी होती है। यह सब शुरुआत और अंत जैसा है। लंबा जीवन जीने के बाद मृत्यु का सामना करना ही पड़ता है। शिक्षक के इस जवाब पर छात्र ने राहत ली और तुरंत फूलदान के टुकड़ा दिखाते हुए कहा, सर- आपके फूलदान का भी अंतिम समय आ गया था।

फूलदान टूट गया, यह जानकर शिक्षक को काफी गुस्सा आया, लेकिन अभी तो वह शुरुआत और अंत की बात कर रहे थे, यह सोचकर मुस्करा कर रह गए। वहीं छात्र भी तुरंत अपनी राह चला गया।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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