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NEWSLIVE24x7 > Blog > DHARMA > श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले
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श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले

Rajesh Pandey
Last updated: May 18, 2021 11:39 am
Rajesh Pandey
5 years ago
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बदरीनाथ धाम।  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज मंगलवार को  वैदिक मंत्रोचार एवं विधि-विधान से मेष लग्न पुष्य नक्षत्र में  प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिए गए। प्रात: तीन बजे से ही कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई। 
श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर प्रांगण पहुंचे। श्री उद्धव जी भी मुख्य द्वार से मंदिर में पहुंचे। ठीक प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले। इस अवसर पर कुछ ही लोगों को अखंड ज्योति के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 
रावल जी ने गर्भगृह में प्रवेश कर मां लक्ष्मी को उनके परिक्रमा स्थित मंदिर में विराजमान किया। बाद में, भगवान के सखा उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची श्री कुबेर जी मंदिर गर्भगृह में विराजमान हो गए।
डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों ने भगवान बदरीविशाल के अभिषेक के लिए राजमहल नरेन्द्र नगर से लाए गए तेल कलश( गाडू घड़ा) को गर्भ गृह मे़ं समर्पित किया।

Contents
बदरीनाथ धाम।  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज मंगलवार को  वैदिक मंत्रोचार एवं विधि-विधान से मेष लग्न पुष्य नक्षत्र में  प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिए गए। प्रात: तीन बजे से ही कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई। श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर प्रांगण पहुंचे। श्री उद्धव जी भी मुख्य द्वार से मंदिर में पहुंचे। ठीक प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले। इस अवसर पर कुछ ही लोगों को अखंड ज्योति के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। रावल जी ने गर्भगृह में प्रवेश कर मां लक्ष्मी को उनके परिक्रमा स्थित मंदिर में विराजमान किया। बाद में, भगवान के सखा उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची श्री कुबेर जी मंदिर गर्भगृह में विराजमान हो गए।डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों ने भगवान बदरीविशाल के अभिषेक के लिए राजमहल नरेन्द्र नगर से लाए गए तेल कलश( गाडू घड़ा) को गर्भ गृह मे़ं समर्पित किया।माणा गांव के महिला मंडल ने शीतकाल में कपाट बंद करते समय भगवान को ओढ़ाया गया घृत: कंबल उतारा और प्रसाद स्वरूप बांटा। निर्वाण दर्शन के बाद भगवान का अभिषेक किया गया।इसके बाद, भगवान बदरीविशाल का श्रृंगार किया गया। इस तरह निर्वाण दर्शन से श्रृंगार दर्शन की प्रक्रिया पूरी होती है। इस संपूर्ण पूजा प्रक्रिया में रावल, डिमरी पंचायत के प्रतिनिधियों, आचार्यों, हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों की भूमिका रही।श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रथम महाभिषेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण एवं आरोग्यता की भावना से समर्पित किया गया।श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुजनों को बधाई दी है तथा  सभी की आरोग्यता की कामना  की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों में रहकर पूजापाठ करें।पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई और कहा कि कोरोना संक्रमण की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा पुन: शुरू होगी।पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर  ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने के लिए शासन स्तर पर प्रयास जारी हैं। कई संस्थाएं इस कार्य के लिए आगे आ रही हैं। गढ़वाल आयुक्त/उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि अभी यात्रा  की अनुमति नहीं है, लेकिन स्थितियां सामान्य होने पर यात्रा को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिक्रमा स्थित मंदिरों  माता लक्ष्मी मंदिर, हनुमान जी, गणेश जी, श्री आदि केदारेश्वर, श्री शंकराचार्य मंदिर,माता मूर्ति मंदिर माणा तथा पंच बदरी में एक श्री भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी खुल गए हैं। 
माणा गांव के महिला मंडल ने शीतकाल में कपाट बंद करते समय भगवान को ओढ़ाया गया घृत: कंबल उतारा और प्रसाद स्वरूप बांटा। निर्वाण दर्शन के बाद भगवान का अभिषेक किया गया।
इसके बाद, भगवान बदरीविशाल का श्रृंगार किया गया। इस तरह निर्वाण दर्शन से श्रृंगार दर्शन की प्रक्रिया पूरी होती है। इस संपूर्ण पूजा प्रक्रिया में रावल, डिमरी पंचायत के प्रतिनिधियों, आचार्यों, हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों की भूमिका रही।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रथम महाभिषेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण एवं आरोग्यता की भावना से समर्पित किया गया।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुजनों को बधाई दी है तथा  सभी की आरोग्यता की कामना  की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों में रहकर पूजापाठ करें।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई और कहा कि कोरोना संक्रमण की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा पुन: शुरू होगी।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर  ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने के लिए शासन स्तर पर प्रयास जारी हैं। कई संस्थाएं इस कार्य के लिए आगे आ रही हैं। 
गढ़वाल आयुक्त/उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि अभी यात्रा  की अनुमति नहीं है, लेकिन स्थितियां सामान्य होने पर यात्रा को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिक्रमा स्थित मंदिरों  माता लक्ष्मी मंदिर, हनुमान जी, गणेश जी, श्री आदि केदारेश्वर, श्री शंकराचार्य मंदिर,माता मूर्ति मंदिर माणा तथा पंच बदरी में एक श्री भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी खुल गए हैं। 

 

Keywords: Shri Badrinath Dham, Shri Badrinath Temple, The Mahila Mandal of the village of Mana, Tourism Minister Satpal Maharaj, Chief Minister, Tirath Singh Rawat, Tourism Secretary Dilip Javalkar, Uttarakhand Chardham Devasthanam Board, श्री बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम, श्री यमुनोत्री धाम, श्री गंगोत्री धाम, चार धाम यात्रा

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TAGGED:Chief ministerShri Badrinath DhamShri Badrinath TempleThe Mahila Mandal of the village of ManaTirath Singh RawatTourism Minister Satpal MaharajTourism Secretary Dilip JavalkarUttarakhand Chardham Devasthanam Boardचार धाम यात्राश्री केदारनाथ धामश्री गंगोत्री धामश्री बदरीनाथ धामश्री यमुनोत्री धाम
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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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